
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
जम्मू कश्मीर के पुंछ के बीजी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना के रविवार देर रात चार पाकिस्तानी को मार गिराए जाने की खबर है. मारे गए सैनिक थे या फिर आतंकी इस बारे कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं है. सूत्रों के हवाले से जो खबर मिली है कि शनिवार देर रात बीजी सेक्टर के हमीरपुर इलाके में एलओसी पर तैनात गोरखा जवानों को कुछ संदिग्ध मूवमेंट दिखी. जब जवानों ने ललकारा तो उनलोगों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सेना ने चार संदिग्ध पाक सैनिकों या फिर आतंकियों को मार गिराया. सेना ने अभी तक इस खबर की पुष्टि नहीं की है. इसकी बड़ी वजह ये है कि मारे गए चारों के शवों को अब तक बरामद नहीं किया जा सका है. आशंका है कि अंधेरे का फायदा उठाकर उन शवों को पाकिस्तानी सैनिक वापस अपने इलाके में लेकर चले गए हों.
बीजी सेक्टर वही इलाका है जहां से करीब 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर कृष्णा घाटी सेक्टर में ही पिछले सोमवार को पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों की बॉर्डर एक्शन टीम ने दो भारतीय जवानों, नायब सुबेदार परमजीत सिंह और हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के शव को क्षत विक्षत कर दिया था. इसके बाद बीते गुरुवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि आप हमसे फ्यूचर प्लान मांग रहे हैं, फ्यूचर प्लान सेना कभी देती नहीं है, जब प्लान पूरा हो जाता है उसके बाद बताया जाता है.
बेशक अपने दो जवानों की मौत के बाद सेना अपनी अगली कार्रवाई को लेकर कोई खुलासा नहीं कर रही हो लेकिन सरकार पर जनता का इतना दवाब है कि उसे जल्द ही सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कोई अभियान करना पड़ेगा. एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक सेना को भी सरकार की ओर से खुली छूट मिली चुकी है पर सेना को इंतजार है सही वक्त का ताकि अपना कोई नुकसान ना हो और पिछली बार की तरह आतंकियों को सबक सिखा सके.
बीजी सेक्टर वही इलाका है जहां से करीब 10 से 15 किलोमीटर की दूरी पर कृष्णा घाटी सेक्टर में ही पिछले सोमवार को पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों की बॉर्डर एक्शन टीम ने दो भारतीय जवानों, नायब सुबेदार परमजीत सिंह और हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के शव को क्षत विक्षत कर दिया था. इसके बाद बीते गुरुवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से इस बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि आप हमसे फ्यूचर प्लान मांग रहे हैं, फ्यूचर प्लान सेना कभी देती नहीं है, जब प्लान पूरा हो जाता है उसके बाद बताया जाता है.
बेशक अपने दो जवानों की मौत के बाद सेना अपनी अगली कार्रवाई को लेकर कोई खुलासा नहीं कर रही हो लेकिन सरकार पर जनता का इतना दवाब है कि उसे जल्द ही सर्जिकल स्ट्राइक जैसा कोई अभियान करना पड़ेगा. एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक सेना को भी सरकार की ओर से खुली छूट मिली चुकी है पर सेना को इंतजार है सही वक्त का ताकि अपना कोई नुकसान ना हो और पिछली बार की तरह आतंकियों को सबक सिखा सके.
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