
नई दिल्ली:
दिल्ली सरकार ने दिल्ली हाइकोर्ट में हलफनामा देकर बताया है कि बीते ढाई माह में उसने विज्ञापन पर कुल करीब 22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस मसले पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से पूछने पर उनका कहना है कि बेईमान लोगों ने जनता का पैसा हड़पकर स्विस बैंक में जमा किया तब कोई नहीं बोला, जब जनता से संवाद किया जा रहा है तो सवाल उठाए जा रहे हैं।
एनडीटीवी इंडिया ने मनीष सिसोदिया से जब पूछा कि आपके ऊपर आरोप लग रहे हैं कि आप करदाताओं का पैसा विज्ञापन में बर्बाद करे हैं, तो वह बोले कि "बेईमान लोग स्विस बैंकों में पैसा लेकर चले गए। उनके घरों में, उनके बैंकों में जो पैसा दबा पड़ा है, उससे कितने नेताओं के महल-दुमहले बन गए, अरबों, खरबों रुपये के। वह भी तो जनता का पैसा था। जनता से संवाद में जनता का पैसा खर्च हो रहा है, इसमें इनको दिक्कत है। जनता का पैसा जब नेताओं के घर में घुसता था, अफसरों की कोठियां बनती थीं, नेताओं के विदेशी बैंकों के खातों में जमा होता था, तब कोई कुछ नहीं बोलता था?"
एनडीटीवी इंडिया ने मनीष सिसोदिया से जब पूछा कि आपके ऊपर आरोप लग रहे हैं कि आप करदाताओं का पैसा विज्ञापन में बर्बाद करे हैं, तो वह बोले कि "बेईमान लोग स्विस बैंकों में पैसा लेकर चले गए। उनके घरों में, उनके बैंकों में जो पैसा दबा पड़ा है, उससे कितने नेताओं के महल-दुमहले बन गए, अरबों, खरबों रुपये के। वह भी तो जनता का पैसा था। जनता से संवाद में जनता का पैसा खर्च हो रहा है, इसमें इनको दिक्कत है। जनता का पैसा जब नेताओं के घर में घुसता था, अफसरों की कोठियां बनती थीं, नेताओं के विदेशी बैंकों के खातों में जमा होता था, तब कोई कुछ नहीं बोलता था?"
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