NCT कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है दिल्ली की AAP सरकार

राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 'दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2021' कानून बन गया है. कानून बनने के साथ ही अब दिल्ली में सरकार का मतलब उपराज्यपाल है.

NCT कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है दिल्ली की AAP सरकार

गोपाल राय ने कहा, हम NCT मामले में कानूनी विकल्‍पों पर विचार कर रहे हैं

खास बातें

  • गोपाल राय बोले, हम कानूनी विकल्‍पों पर विचार कर रहे हैं
  • SC के आदेश को संसद में संशोधित बिल लाकर पलटा गया
  • देश की राजधानी दिल्‍ली में प्रदूषण कम होने का किया दावा
नई दिल्ली:

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने रविवार को दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन कानून  2021 (NCT Act) को मंजूरी दे दी है और अब आम आदमी पार्टी सरकार (AAP Government)  पूरे मामले में लीगल ऑप्शन तलाश रही है. दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बताया कि सरकार लीगल ऑप्शन को लेकर बात कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश को संसद में संशोधित बिल लाकर पलटा गया है.' राय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट एक रास्ता बचा हुआ है. अब कानूनी सलाह के बाद ही सरकार आगे बढ़ेगी.आपको बता दें कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 'दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2021' कानून बन गया है. कानून बनने के साथ ही अब दिल्ली में सरकार का मतलब उपराज्यपाल है दिल्ली की चुनी हुई सरकार को अपने हर उस फैसले में उपराज्यपाल की राय लेनी होगी जिसके बारे में उपराज्यपाल कहेंगे.

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राय ने बताया कि पिछले दिनों दो संस्थाओं ने दिल्ली में  प्रदूषण को लेकर अपनी रिपोर्ट जारी की जिसमें पहले अंतराष्ट्रीय संगठन IQ एयर स्वीडन संस्था की रिपोर्ट में दुनिया के अलग-अलग शहरों में प्रदूषण की रिपोर्ट जारी की गई. उसके बाद CSE की रिपोर्ट आई है. स्वीडन की रिपोर्ट में इस बात को प्रमुखता से दर्ज किया गया कि भारत मे दिल्ली का प्रदूषण स्तर जो पहले 1 या 2 नम्बर होता था आज वो 10वां नम्बर हो चुका है. उसके ऊपर गाज़ियाबाद, बुलंदशहर, बिसरख, भिवानी, कानपुर और लखनऊ हैं, जिसमें PM 2.5 को कम करने में दिल्ली को सफलता मिली हैCSE को रिपोर्ट में 2015-17 के अध्ययन और 18-20 के अध्ययन की तुलना की है. इस रिपोर्ट के अनुसार पीएम 2.5 का स्तर 25% से ज़्यादा कम हुआ है, ये दिल्ली के लिए उल्लेखनीय विषय है. CSE की रिपोर्ट 5 बिंदुओं पर फोकस करती है.

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गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली पहला राज्य है जिसने अपने राज्य के अंतर्गत आने वाले पावर प्लांट को बंद कर दिया, 12 ऐसे प्रदूषणकारी संयंत्र दिल्ली के आस पास चल रहे हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बन्द नहीं किया गया.दिल्ली पहला राज्य है जिसने प्रदूषण के हॉटस्पॉट चिन्हित किये हैं, 13 हॉटस्पॉट हैं.. जिसका प्रभाव दिख रहा हैदिल्ली पहला राज्य है जो अपने इंडस्ट्रियल एरिया को PNG कनेक्शन दिए हैं... CSE ने इस बात को अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया है. देश का पहला राज्य है दिल्ली जहाँ 39 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगे हुए हैं जबकि हमारे पड़ोसी राज्यों में मोनिटरिंग सिस्टम नहीं लगे हैं.


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उन्‍होंने कहा क‍ि दिल्ली पहला राज्य है जिसने अपनी इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी बनाई है... जिससे PM 2.5 जो वाहन के प्रदूषण से खासतौर पर पैदा होता है उसे नियंत्रित किया जा सके. इसके अलावा दिल्ली में 24x7 बिजली की सप्लाई है इसने भी प्रभाव डाला है... जिससे डीज़ल के जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर लगाम लगी हैप्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए वॉर रूम सेट अप किया गया, ग्रीन दिल्ली एप के ज़रिए मॉनिटरिंग की जाती है... अब तक लगभग 20 हज़ार शिकायतें मिली है जिनमे से 93% शिकायतों को resolve किया गया है... दिल्ली अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, इससे प्रदूषण स्तर सुधर रहा है... आने वाले दिनों में एक्सपर्ट्स के साथ 2 दिन का राउंड टेबल कांफ्रेंस किया जाएगा ताकि इसको और प्रभावी बनाया जाए... केंद्र सरकार इन दोनों रिपोर्ट के आधार पर मूल्यांकन करे और कैसे उत्तर भारत मे जिन राज्यों का ज़िक्र है वहां प्रदूषण की रोकथाम पर काम किया जाए... सरकार सोने की जगह जागे और अभी से इन सभी राज्यों पर जो एक्शन प्लान बनाने की ज़रूरत है वो बनाया जाएहोली से एक दिन पहले गाज़ीपुर लैंडफिल साइट पर बड़ी आग लगी... DPCC की जांच टीम भेजी थी, रिपोर्ट में पाया गया है कि वहां लापरवाही है.