भारत में कोविड-19 मरीजों का डेथ रेट लगतार घट रहा है: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

भारत में एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 38,902 मामले आने के साथ ही रविवार को संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़ कर 10,77,618 हो गई

भारत में कोविड-19 मरीजों का डेथ रेट लगतार घट रहा है: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

देश में अब भी 3,73,379 लोग संक्रमित हैं. संक्रमितों की कुल संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. (file pic)

नई दिल्ली:

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि भारत में कोविड-19 के मामलों में मृत्यु दर क्रमश: घट रही है और इसका श्रेय अस्पतालों में भर्ती मरीजों के बेहतर क्लीनिकल प्रबंधन को जाता है. मंत्रालय ने कहा कि भारत, दुनिया में कोविड-19 के मरीजों की सबसे कम मृत्यु दर वाले देशों में एक है. मंत्रालय ने कहा कि ऐसे 29 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश हैं, जहां मामला मृत्यु दर (सीएफआर) देश के औसत से कम है. पांच राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सीएफआर शून्य है और 14 में मृत्यु दर एक प्रतिशत से कम है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों के कारगर क्लीनिकल प्रबंधन पर केंद्र सरकार और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सजग कोशिशों के कारण भारत का सीएफआर 2.5 प्रतिशत से नीचे आया है.मंत्रालय ने कहा कि मामलों को बढ़ने से रोकने की कारगर नीति, तत्परता से जांच करना और देखभाल की समग्र मानक पर आधारित बेहतरीन क्लीनिकल प्रबंधन प्रोटोकॉल ने सीएफआर में कमी लाई है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘सीएफआर क्रमश: घट रही है, यह 2.49 प्रतिशत है. भारत, दुनिया में कोविड-19 से सबसे कम मृत्यु दर वाले देशों में एक है. '' एक महीने पहले यह दर 2.82 प्रतिशत थी, जो 10 जुलाई को घट कर 2.72 हो गई तथा इसके बाद यह घट कर वर्तमान में 2.49 प्रतिशत हो गई है.

मंत्रालय ने कहा कि केंद्र के दिशानिर्देशों के तहत राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों ने जांच को तेजी से बढ़ाया तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कोशिशों को एकजुट कर अस्पतालों का बुनियादी ढांचा बढ़ाया. कई राज्यों ने बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों का पता लगाने के लिये आबादी का सर्वेक्षण किया. मंत्रालय ने कहा कि मोबाइल ऐप जैसी प्रौद्योगिकी ने इसमें मदद की. इसने अधिक जोखिम ग्रस्त आबादी को निरंतर निगरानी में रखे जाने को सुनिश्चित किया. इस तरह, समय रहते रोग का पता लगाने, समय पर उपचार मुहैया करने और मृत्यु दर कम करने में मदद मिली.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘जमीनी स्तर पर आशा और एएनएम (सहायक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं) जैसे अग्रिम मोर्चे पर सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रवासी लोगों के प्रबंधन में सराहनीय योगदान दिया तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाई. '' मणिपुर, नगालैंड, सिक्किम, मिजोरम, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सीएफआर शून्य है.

जिन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सीएफआर राष्ट्रीय औसत से कम है उनमें त्रिपुरा (0.19 प्रतिशत),  असम (0.23), केरल (0.34), ओडिशा (0.51), गोवा (0.60), हिमाचल प्रदेश (0.75), बिहार (0.83), तेलंगाना (0.93), आंध्र प्रदेश (1.31), तमिलनाडु (1.45), चंडीगढ़ (1.71), राजस्थान (1.94), कर्नाटक (2.08) और उत्तर प्रदेश (2.36) शामिल हैं.

भारत में एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 38,902 मामले आने के साथ ही रविवार को संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़ कर 10,77,618 हो गई, जबकि इस रोग से उबरने वाले लोगों की कुल संख्या 6,77,422 हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार एक दिन में इस रोग से 543 लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 26,816 हो गई. पिछले 24 घंटों में 23,672 मरीज इस रोग से उबरे हैं, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दुनिया में कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित 11 देशों अमेरिका, ब्राजील, रूस, पेरू, चिली, मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन, ईरान, पाकिस्तान, स्पेन में कुल मिलाकर भारत से आठ गुना अधिक मामले हैं और 14 गुना अधिक मौतें हुई हैं. देश में अब भी 3,73,379 लोग संक्रमित हैं. संक्रमितों की कुल संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. यह लगातार चौथा दिन है, जब कोरोना वायरस के एक दिन में 30,000 से अधिक मामले सामने आए हैं.


देश में कोरोनावायरस के मामले 10.77 लाख पार

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)