विज्ञापन
This Article is From Dec 11, 2011

'निजी कंपनियों को भी लोकपाल के दायरे में लाएं'

सीपीएम नेता वृंदा करात ने कहा कि वह न केवल सरकार के भीतर, बल्कि निजी क्षेत्र में भी भ्रष्टाचार से मुकाबले के लिए प्रभावी लोकपाल पक्ष में हैं।
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
New Delhi: मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि वह न केवल सरकार के भीतर, बल्कि निजी क्षेत्र में भी भ्रष्टाचार से मुकाबले के लिए प्रभावी लोकपाल पक्ष में है। सीपीएम नेता वृंदा करात ने भ्रष्टाचार विरोधी कानून को लेकर जंतर-मंतर पर सार्वजनिक चर्चा के दौरान कहा कि निजी क्षेत्र में भ्रष्टाचार से लड़ना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि निजी क्षेत्र स्वतंत्रतापूर्वक राष्ट्रीय सम्पदा 'लूट' रहे हैं। वृंदा ने कहा, हमें कॉरपोरेट जगत में भ्रष्टाचार पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हमें कॉरपोरेट जगत की लूट को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आधार पर निजी कम्पनियों को दिए गए लाइसेंस एवं समझौते रद्द कर देने चाहिए और लोकपाल को इसका अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 2जी लाइसेंस रद्द नहीं किए गए हैं और न ही कर्नाटक में खनन के समझौते रद्द किए गए हैं।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
लोकपाल, सीपीएम, वृंदा करात
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com