
Coronavirus: महाराष्ट्र की वयोवृद्ध 94 साल की दादी अम्मा ने कोरोना से जंग जीत ली है. मिरज कोविड हॉस्पिटल के डॉक्टर और नर्सों ने तालियां बजाकर शुभकामनाएं देते हुए उनको डिस्चार्ज किया. महाराष्ट्र की सबसे वृद्ध कोरोना संक्रमित महिला कोरोना मुक्त हो गई. कोरोना कंट्रोल टीम के नोडल ऑफिसर संजय सालुंखे ने यह जानकारी दी.
सांगली जिले के कामेरी गांव की 94 साल की बूढ़ी महिला ने कोरोना से जंग जीत ली है. मिरज कोरोना हॉस्पिटल से आज इस कोरोना मुक्त बूढ़ी अम्मा को डिस्चार्ज किया गया. डॉक्टरों और नर्सों ने तालियां बजाकर बूढ़ी अम्मा को सहर्ष विदाई दी. आज 14 दिन बाद आइसोलेशन वार्ड से बूढ़ी अम्मा को इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन वार्ड में शिफ्ट किया गया. वहां उनकी और 14 दिन देखरेख की जाएगी. उसके बाद उन्हें घर छोड़ा जाएगा. इतनी अधिक उम्र की पेशेंट ने कोरोना को धैर्य से मात दे दी है. इस तरह का यह महाराष्ट्र का पहला केस है. ऐसी जानकारी कोरोना कंट्रोल टीम के नोडल ऑफिसर डॉ संजय सालुंखे ने दे दी है .
सांगली जिले के कामेरी गांव के एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने के बाद इस 94 साल की बूढ़ी अम्मा को कोरोना हो गया था. कान्टेक्ट ट्रेसिंग के दौरान यह बात सामने आई थी. इस महिला को मिरज सिविल हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल किया गया था. इस महिला का यहां के डॉक्टरों और नर्सों ने इलाज किया और अपनी दादी की तरह उनका खयाल रखा. इस दौरान दो बार उनके स्वैब टेस्ट किए गए जो दोनों बार निगेटिव आए हैं. दादीजी की खुद की विल पॉवर भी जबरदस्त थी. जिसके चलते आज यह बूढ़ी अम्मा पूर्णरूप से कोरोना मुक्त हो गई हैं. सिर्फ एहतियात के तौर पर उन्हें इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन वार्ड में और 14 दिन के लिए रखा जा रहा है.
सांगली में इसके पहले 28 मरीज कोरोना मुक्त हो गए हैं. एक छोटे 2 साल के बच्चे को भी अच्छा इलाज करते हुए कोरोना मुक्त किया गया था.
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