
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) शशिकांत शर्मा से मुलाकात की और उनके ऑडिटरों द्वारा किए जा रहे निजी क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियों के बही-खातों की जांच की स्थिति के बारे में चर्चा की। पिछले कार्यकाल में आप पार्टी की सरकार ने कंपनियों के बही-खातों की जांच के आदेश दिए थे।
सूत्रों ने कहा कि केजरीवाल ने बिजली वितरण कंपनियों के खाते की कैग जांच पर सरकार के विचारों और ऑडिट के बाद उसकी बिजली की दरों की समीक्षा की योजना के बारे में शर्मा को अवगत कराया।
पिछली आप सरकार ने पिछले साल जनवरी में तीन बिजली वितरण कंपनियों, बीएसईएस यमुना पावर लि., बीएसईएस राजधानी पावर लि. और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लि. के खातों के ऑडिट के आदेश दिए थे। सरकार ने यह चेतावनी भी दी थी कि अगर उन्होंने ऑडिट में सहयोग नहीं किया तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
पिछले सप्ताह केजरीवाल ने कहा था कि सरकार बिजली दरों में कटौती पर जल्द ही कदम उठाएगी। आप ने चुनाव घोषणापत्र में बिजली दरों में तत्काल 50 प्रतिशत कटौती का वादा किया था।
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