
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले नए नागरिकता कानून का समर्थन किया हो, लेकिन अल्पसंख्यक समाज में इस मुद्दे पर अपने प्रति नाराजगी के मद्देनजर अब उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं. नीतीश ने गुरुवार को गया में कहा कि हमलोगों के रहते अल्पसंख्यक समाज की उपेक्षा नहीं होगी. किसी का कोई नुकसान नहीं होगा. नीतीश आजकल अपने 'जल जीवन जलवायु' कार्यक्रम के सिलसिले में जिलों का भ्रमण कर रहे हैं. उन्होंने इसी कार्यक्रम से संबंधित अपने भाषण के दौरान कहा कि हम सब लोगों को मिलाकर चलते हैं. हम लोगों की प्रतिबद्दता सब लोगों के लिए है. हालांकि पूरे देश में नए नागरिकता कानून के बाद तनाव के माहौल का उन्होंने ज़िक्र नहीं किया, लेकिन इतना जरूर कहा कि कौन किसको किस बात के लिए धमकाता है, हम इन सब बातों के लिए नहीं सोचते हैं.
हालांकि नीतीश कुमार ने कहा कि हम लोग समाज के हर लोगों की सेवा करते हैं. सब लोगों को मिलाकर चलते हैं. हम लोगों की प्रतिबद्धता सब लोगों के बीच आपस में प्रेम भाईचारा बढ़ाने की है. नीतीश ने कहा कि यह उनकी कोशिश है कि वो किसी भी धर्म संप्रदाय का हो उसे किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं झेलने देंगे.
माना जा रहा है कि नीतीश कुमार का ये भाषण मुस्लिम समुदाय में अपनी गिरती साख को कम करने का एक प्रयास है. हालांकि एनआरसी पर पर अपने स्टैंड को लेकर फ़िलहाल वह असमंजस की स्थिति में दिख रहे हैं.
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