लक्ष्मी ने 5 माह की सैलरी दी, बच्चों ने गुल्लक तोड़कर पैसे दे दिए; यह मदद बहुत अहम : सोनू सूद

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने NDTV से कहा- मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं, यह हैरान करने वाला है कि हमारे फाउंडेशन को लेकर सवाल उठ रहे हैं

नई दिल्ली:

आयकर विभाग के सर्वे के बाद टैक्स चोरी के आरोपों से घिरे बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) ने आज NDTV से बातचीत में यह दान में मिला वह पैसा हे जो आप सही समय पर खर्च करते,   लेकिन आरोप लग रहा है कि यह पैसा आपने गबन कर लिया? आपने कहा कि बोतू लक्ष्मी आंध्र प्रदेश में थीं, उन्होंने अपनी पांच महीने की सैलरी आपको दे दी. इसके अलावा छोटे-छोटे बच्चे थे जिन्होंने अपना गुल्लक तोड़कर करीब 16 हजार रुपये आपको दे दिए. इस पर वसुंधरा राजे ने भी ट्वीट किया. ऐसे जुटाए गए पैसे पर गबन का आरोप लगने पर कैसा लगता है? सोनू सूद ने कहा कि मुझे दुख नहीं होता, मेरी जिम्मेदारी है, राजस्थान में छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर पैसे दिए. हमने भी बचपन में गुल्लक में पैसे जमा किए थे लेकिन उस समय यह इच्छा नहीं होती थी कि वह किसी को दे दें. बच्चे जब पैसा जमा करते हैं, तो उसके पीछे बड़ी इमोशन होती है. विश्वास होता है कि वह सही जगह पर जाए. 

सोनू सूद ने कहा कि ''मैं कानून का पालन करने वाला नागरिक हूं. यह हैरान करने वाला है कि हमारे फाउंडेशन को लेकर सवाल उठ रहे हैं. यह देश के लोगों की ओर से दिया गया पैसा था. इसे डोनेट करके किसी की लाइफ बचाने में मदद की जा सकती है. बड़ी संख्‍या में लोग मेरे पास मदद के लिए आए. हमें यह सुनिश्चित करना था कि यह राशि वास्‍तविक जरूरतमंदों तक जाए.'' लोगों से मिली मदद के बारे में उन्‍होंने कहा कि विशाखापट्टनम में कई बच्‍चे सड़क पर अपने पिगी बैंक के साथ खड़े थे. गुड्डू, लक्ष्मी ने 15 हजार रुपये दिए. यह राशि, दान में देने वाले दूसरे लोगों की भारी भरकम राशि से ज्‍यादा अहम थी.''  इस सवाल पर कि अब आप सारी जानकारी टैक्‍स अथॉरिटी के साथ शेयर कर रहे थे तो उनका क्‍या रिस्‍पांस रहा, सोनू ने कहा- ''वे यह देखकर बेहद खुश थे. उन्‍होंने मेरे मेल्‍स को भी देखा. मदद के लिए हजारों की संख्‍या में ऐसे मैसेज थे जो पढ़े भी नहीं जा सके. आयकर अधिकारियों का रुख सहयोगात्‍मक था. जो जानकारी उन्‍होंने मांगी, हमारी ओर से उपलब्‍ध कराई गई.''

आयकर विभाग के सर्वे के बाद टैक्स चोरी के आरोपों से घिरे बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने सोमवार को NDTV के सामने इस मामले पर पहली बार चुप्पी तोड़ी. सोनू ने कहा कि 'मैंने कोई कानून नहीं तोड़े. टैक्स अधिकारियों ने मुझसे चार दिनों तक पूछताछ की. उन्होंने जो भी सवाल पूछे,मैंने जवाब दिए, जो कागजात चाहिए थे, वो भी दिए.' सोनू ने कहा कि फॉरेन फंडिंग क्राउडसोर्सिंग प्लेटफॉर्म से हुई है और उन्होंने इसमें से अपने अकाउंट में एक भी पैसा नहीं लिया है. सोनू ने बताया कि 'फॉरेन फंडिंग का पैसा सीधा अस्पतालों को पहुंचा'. सोनू ने कहा कि 'मेरे फाउंडेशन का पैसा 18 घंटों में खत्म हो जाएगा.' उन्होंने बताया कि 2012 में भी उनके खिलाफ आईटी के छापे पड़े थे. 


क्‍या इन छापों के पीछे कोई में 'राजनीतिक उद्देश्‍य' है, इस सवाल पर सोनू ने साफ कहा, 'मैं अभी किसी निष्‍कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहूंगा' . उन्‍होंने कहा, 'एजुकेशन को लेकर मैं काम कर रहा हूं. मैं खुले विचार वाला हूं. कभी भी कोई राज्‍य मुझे बुलाएंगा, मैं हरसंभव मदद के लिए तैयार हूं. इसका मतलब क्‍या यह निकालें कि आप केजरीवाल की आप से संबंद्ध नहीं है,  सोनू ने कहा-मैं किसी भी राज्‍य की मदद करने को तैयार हूं, फिर चाहे वह किसी भी पार्टी की ओर से शासित हो. सोनू ने आगे कहा, 'यह जो कुछ (छापे की कार्रवाई) हुआ है, उससे मैं विचलित नहीं होने वाला.  मैं रुकने नहीं वाला, काम जारी रहेगा. अभी मीलों का सफर तय करना है.'

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एक अन्‍य सवाल पर उन्‍होंने कहा, 'मैं राजनेताओं का सम्‍मान करता हूं, वे अच्‍छा काम कर रहे हैं.' उन्‍होंने बताया कि वे दो बार राज्‍यसभा सीट का ऑफर ठुकरा चुका हूं. उन्‍होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं अभी इसके लिए तैयार नहीं हूं. जब भी मैं इसके लिए खुद को तैयार कर लूंगा, मैं सबके सामने इस बारे में बताऊंगा.' राज्‍यसभा की सीट के यह ऑफर किस पार्टी की ओर से मिली, इसका खुलासा करने संबंधी सवाल को वे चतुराई से टाल गए. उन्‍होंने फिर कहा- मेरा मानना है कि अच्‍छे राजनेता, अच्‍छा देश बनाते हैं. आखिर में सोनू ने कहा, 'मैं कहना चाहूंगा कि जो भी डॉक्‍यूमेंट आयकर विभाग चाहेगा,उपलब्‍ध कराऊंगा. हमारे पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है. '