
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी उन्हें 'अर्थव्यवस्था का पहला सबक' सिखा रहे हैं, लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री के इस दावे को गलत बताया कि उन्होंने कभी सोना खरीदे जाने से मुद्रास्फीति बढ़ने की बात कही थी।
चिदंबरम ने एक बयान में कहा, इतिहास के पाठ के बाद, नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्र में अपना पहला पाठ पढ़ाया। मुझे याद है कि मैंने कई बार कहा है कि सोना, जिसका पूरी तरह आयात किया जाता है, खरीदने की वजह से चालू खाते का घाटा (सीएडी) बढ़ा है। मुझे याद नहीं कि मैंने कभी ऐसा कहा कि मुद्रास्फीति का कारण सोना खरीदना है। वित्तमंत्री का संकेत मोदी के हालिया भाषणों में इतिहास तथा कुछ और घटनाक्रम के बारे में हुई चूकों की ओर था।
गुजरात के मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए चिदंबरम ने अर्थशास्त्रियों से कहा कि 'मोदी के नए सबक पर ध्यान दें।' मोदी ने हाल ही में जोधपुर में एक रैली में कहा था कि चिदंबरम ने महंगाई बढ़ने का कारण सोना खरीदने को बताया है।
चिदंबरम अखबारों में छपी मोदी की जोधपुर रैली में दिए गए उस भाषण पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के हवाले से कहा गया है, "मैं उनकी (चिदंबदरम) तरह शिक्षित नहीं हूं, लेकिन इतना मुझे पता है कि महंगाई बढ़ने का कारण सोना खरीदना नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार है।
चुनावी रैलियों में दिए गए कुछ भाषणों में ऐतिहासिक तथ्यों में कथित बदलाव को लेकर नरेंद्र मोदी विपक्ष के निशाने पर हैं। पटना में एक रैली में उन्होंने कहा था कि चंद्रगुप्त गुप्त वंश के थे। इसी रैली में उन्होंने बिहार की शक्ति की तारीफ करते हुए कहा था कि अलेग्जेंडर की सेना ने दुनिया को जीत लिया, लेकिन बिहारियों से हार गई। वास्तविकता यह है कि अलेग्जेंडर की सेना ने न तो कभी गंगा नदी पार की और न ही उसे कभी बिहारियों ने हराया।
गुजरात के खेड़ा में मोदी ने स्विटजरलैंड से स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की अस्थियां स्वदेश नहीं लाने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था, लेकिन श्यामजी कृष्ण वर्मा की जगह उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम ले दिया, जिन्होंने जनसंघ की स्थापना की थी। जनसंघ बाद में भाजपा बना। बाद में मोदी ने इस भूल के लिए माफी मांगी थी।
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