
केंद्र सरकार ने दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 में संशोधन किया है. संशोधन का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है. नोटिफिकेशन के मुताबिक 'दिल्ली के अंदर अब कोई भी औद्योगिक गतिविधि केवल हाईटेक और सर्विस आधारित उद्योग तक ही सीमित रहेगी.' हाईटेक और सर्विस आधारित उद्योगों की इजाजत मौजूदा इंडस्ट्रियल एरिया में दी जाएगी लेकिन इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन चार्जेस देने होंगे जो संबंधित अथॉरिटी या स्थानीय अथॉरिटी तय करेगी और वसूल करेगी.
हालांकि दिल्ली सरकार सूत्रों का कहना है कि अगर मौजूदा इंडस्ट्रियल एरिया में हाईटेक और सर्विस आधारित इंडस्ट्री खुलेंगी तो उनको इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन चार्ज देना होगा लेकिन अगर नए इंडस्ट्रियल एरिया में एसी यूनिट खुलेगी तो उनको यह चार्ज नहीं देना होगा क्योंकि नया एरिया तो बनेगा ही इस इंडस्ट्री को ध्यान में रखकर.
हाईटेक और सर्विस आधारित उद्योगों में हैं-
1. सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री जैसे सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स और मोबाइल एप्लीकेशन
2. IT सर्विस इंडस्ट्री जैसे इंटरनेट और ईमेल सर्विस प्रोवाइडर, इलेक्ट्रॉनिक डाटा सेंटर एक्टिविटीज
3. IT इनेबल्ड सर्विस कस्टमर इंटरेक्शन सर्विसेज, कॉल सेंटर,HR सर्विस, फाइनेंस एंड अकाउंटिंग
4. मीडिया जैसे टीवी और वीडियो प्रोग्राम प्रोडक्शन, फोटो कंपोजिंग एंड डेस्कटॉप पब्लिकेशन, पब्लिशिंग, ऑडियो विजुअल सर्विसिस
5. रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड डिजाइन
6. बिजनेस सर्विसेज ( प्रोवाइडेड रिमोटली) जैसे लीगल सर्विसेज फाइनेंसियल एकाउंटिंग, आर्किटेक्चरल एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज, एडवरटाइजिंग एजेंसी एंड ट्रेंनिंग सर्विसेज, मार्केट रिसर्च एंड ऑपिनियन सर्विसेज.
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