यूपी में जोखिम लेने को तैयार नहीं BJP, बने रहेंगे योगी, इसी माह हो सकता है कैबिनेट विस्‍तार

इसी महीने योगी आदित्‍यनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है, इसमें जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाब से नए चेहरों को जगह मिलेगी.

खास बातें

  • संघ और बीजेपी नेताओं की लगातार बैठक के बाद हुआ निर्णय
  • विस्‍तार में जाति/क्षेत्रीय समीकरण का रखा जाएगा ध्‍यान
  • कुछ मंत्री हटाए जा सकते हैं, कुछ के विभाग बदले जा सकते है
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश में संगठन या सरकार में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के नेतृत्व में ही भारतीय जनता पार्टी (BJP), अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरेगी. पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने यह भी बताया कि इसी महीने योगी आदित्‍यनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है, इसमें जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों के हिसाब से नए चेहरों को जगह मिलेगी. कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाया जा सकता है और कुछ के विभाग बदले जा सकते हैं.

क्यों योगी ही हैं यूपी में बीजेपी के खेवनहार...

पीएम मोदी के करीबी पूर्व नौकरशाह अरविंद कुमार शर्मा को सरकार में जगह मिल सकती है. उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की चर्चा लंबे समय से चल रही है. फीडबैक के बाद तय किया गया कि उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन में सामजस्य जरूरी है और इसके लिए नियमित रूप से बैठकें होंगी. बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा अगले महीने यूपी का दौरा करेंगे. संघ और बीजेपी नेताओं के लगातार दौरों और बैठकों के बाद यह निर्णय  हुआ है.


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राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने लखनऊ दौरे में संघ के पदाधिकारियों और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया था. इसके बाद राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह को लखनऊ भेजा गया था. लखनऊ में इन दोनों नेताओं ने प्रदेश नेताओं, कई मंत्रियों और विधायकों से मुलाक़ात की थी. कुछ दिनों से चर्चा थी कि स्वतंत्र देव सिंह की जगह उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है, लेकिन विधानसभा चुनाव में कम समय बचे रहने के कारण पार्टी नेतृत्व जोखिम मोल लेने को तैयार नहीं है.