
लोकसभा में पहली बार चुन कर आए बीजेपी के डेढ़ सौ से भी ज्यादा सांसदों को अगले दो दिनों तक ट्रेनिंग दी जाएगी। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जो खुद पहली बार चुन कर लोकसभा पहुंचे हैं।
दिल्ली−हरियाणा सीमा पर बने पयर्टन स्थल सूरजकुंड की एक होटल में शनिवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन के साथ यह प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा। बाद में इसे वित्त और रक्षामंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू संबोधित करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के 161 नए−नवेले सांसदों को कई गुर सिखाए जाएंगे। उन्हें संसद में और उसके बाहर किस तरह से व्यवहार करना है, इसका खासतौर से प्रशिक्षण दिया जाएगा। अपने निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरना, उनके अपने क्या अधिकार और जिम्मेदारियां हैं? ऐसे तमाम विषय हैं, जिन पर पार्टी के वरिष्ठ नेता उन्हें समझाएंगे।
परंपरागत और सोशल मीडिया से किस तरह का संबंध रखना है, इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर देंगे, जबकि पार्टी के विचारक विनय सहस्त्रबुद्धे सरकार और संगठन के बीच तालमेल बनाने के बारे में सांसदों को विस्तार से जानकारी देंगे।
इससे पहले संसद भवन के सेंट्रल हॉल में पार्टी के संसदीय दल की पहली बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से कहा था कि वे उनके पैर न छुएं। मोदी ने सांसदों को हर विषय की विस्तार से तैयारी करने और उसके बाद ही उस पर बोलने की नसीहत भी दी थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा था कि सांसदों को 'राष्ट्र के नाम संदेश' देने से बचना चाहिए। माना गया कि उनका इशारा ये था कि सांसद हर विषय पर मीडिया में बोलने से बचें और सिर्फ उन्हीं विषयों पर अपनी बात रखें जिनकी उन्हें समझ है।
पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सांसदों से कहा था कि किसी भी कागज पर दस्तखत करने से पहले उसे ठीक से पढ़ें। सर्वेंट क्वार्टर को किराए पर न दें और अनजाने व्यक्तियों से मुलाकात में सावधानी रखें। वहीं रविवार शाम चार बजे पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी के मार्गदर्शन के साथ ये पाठशाला समाप्त हो जाएगी।
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