Bihar Elections: दिग्विजय की नीतीश कुमार से अपील, 'भाजपा की विचारधारा को छोड़कर तेजस्‍वी को आशीर्वाद दीजिए'

दिग्विजय ने इस मसले पर कई ट्वीट हैं, इसमें से एक में कहा गया है कि बीजेपी ने बिहार में कूटनीति से नीतीश कुमार का 'कद' कम कर दिया है.

Bihar Elections: दिग्विजय की नीतीश कुमार से अपील, 'भाजपा की विचारधारा को छोड़कर तेजस्‍वी को आशीर्वाद दीजिए'

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद दिग्विजय सिंह ने कई ट्वीट किए हैं

खास बातें

  • दिग्विजय सिंह ने इस मसले पर किए हैं ट्वीट
  • बीजेपी/संघ की अमरबेल से की है तुलना
  • कहा, जिस पेड़ पर लिपट जाती है, वह सूख जाता है

Bihar Elections Result 2020: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद कांग्रेस के दिग्‍गज नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh)ने 'अजीबोगरीब बयान' देते हुए कहा है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को भाजपा नीत National Democratic Alliance यानी NDA को छोड़ देना चा‍हिए और मुख्‍यमंत्री के तौर पर तेजस्‍वी यादव को समर्थन देना चाहिए. गौरतलब कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 125 सीटों जीती हैं. दिग्विजय ने इस मसले पर कई ट्वीट हैं, इसमें से एक में कहा गया है कि बीजेपी ने बिहार में कूटनीति से नीतीश कुमार का 'कद' कम कर दिया है. मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम ने लिखा, 'भाजपा/संघ अमरबेल के समान हैं, जिस पेड़ पर लिपट जाती है वह पेड़ सूख जाता है और वह पनप जाती है. नीतीश जी, लालू जी ने आपके साथ संघर्ष किया है आंदोलनों मे जेल गए है भाजपा/संघ की विचारधारा को छोड़कर तेजस्वी को आशीर्वाद दे दीजिए. इस “अमरबेल” रूपी भाजपा/संघ को बिहार में मत पनपाओ.'

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इसके साथ ही 'दिग्‍गी राजा' ने नीतीश कुमार को बिहार छोड़कर राष्‍ट्रीय राजनीति में आने की सलाह दी है. उन्‍होंने लिखा, 'नीतीश जी, बिहार आपके लिए छोटा हो गया है, आप भारत की राजनीति में आ जाएं.सभी समाजवादी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों को एकमत करने में मदद करते हुए संघ की अंग्रेजों के द्वारा पनपाई “फूट डालो और राज करो” की नीति ना पनपने दें. विचार ज़रूर करें.' 

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कांग्रेस के राज्‍यसभा सांसद ने यह भी कहा, 'आज देश में एकमात्र नेता राहुल गांधी हैं जो विचारधारा की लड़ाई लड़ रहे हैं. NDA के सहयोगी दलों को समझना चाहिए राजनीति विचारधारा की होती है. जो भी व्यक्ति अपनी महत्वाकांक्षा के कारण विचारधारा को छोड़कर अपने स्वार्थ के लिए समझौता करता है वह अधिक समय तक राजनीति में ज़िंदा नहीं रहता. 'गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह की कांग्रेस पार्टी को मध्‍य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनावों में मंगलवार को मुंह की खानी पड़ी है. कांग्रेस में उनके पूर्व सहयोगी और अब बीजेपी में आ चुके ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने एमपी में हुए उपचुनावों में कांग्रेस को करारी हार के लिए मजबूर किया है. कांग्रेस को उन सीटों पर हार मिली है जो उसने 2018 के विधानसभा चुनावों में जीती थीं. गौरतलब है ‍कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में, NDA ने 125 सीटें जीती हैं, जबकि विपक्षी महागठबंधन को 110 सीटें मिली हैं. राज्य विधानसभा में साधारण बहुमत के लिये 122 सीटों की आवश्यकता है.


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