
इस तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए 25 दिसंबर को उनके 90वें जन्मदिन पर चुना जा सकता है।
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर निर्णय कर सकते हैं और वाजपेयी के जन्मदिन पर घोषणा कर सकते हैं जिसे सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
मुरली मनोहर जोशी और हेमा मालिनी सहित भाजपा के कई नेता और सांसद वाजपेयी के लिए भारत रत्न की मांग करते रहे हैं। एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने भी भाजपा के प्रथम प्रधानमंत्री को भारत रत्न देने का समर्थन किया है।
जोशी ने हाल में कहा था, 'अटल बिहारी वाजपेयी जी से ज्यादा भारत रत्न का हकदार कोई नहीं है।'
इससे पहले अगस्त में इस तरह की अटकलें थीं कि प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस के भाषण में वाजपेयी को भारत रत्न देने की घोषणा कर सकते हैं। बहरहाल इस तरह की कोई घोषणा नहीं हुई। गौरतलब है कि भारत रत्न देने की अनुशंसा प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से करते हैं।
पिछले साल यूपीए सरकार ने जब पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और वैज्ञानिक सीएनआर राव को भारत रत्न देने की घोषणा की थी तो बीजेपी ने देश के विकास में वाजपेयी की अनदेखी करने के लिए कांग्रेस की आलोचना की थी।
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