दिल्ली की तर्ज पर असम में फ्री बिजली, महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये: राहुल गांधी के 5 बड़े ऐलान

Assam Assembly Polls 2021: उन्होंने जिन पांच वादों का ऐलान किया, उसमें पहला राज्य में सीएएस लागू नहीं करने का फैसला है. दूसरे वादे में उन्होंने कहा कि चाय बागान के मजदूरों के न्यूनतम 365 रुपये रोजाना पारिश्रमिक दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे जो कुछ हो जाय, वो इसे लागू करके रहेंगे.

दिल्ली की तर्ज पर असम में फ्री बिजली, महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये: राहुल गांधी के 5 बड़े ऐलान

Assam Election 2021:राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी बढ़ाने के साथ अपने ‘मित्रों’ की कमाई बढ़ा रही है.

जोरहाट:

कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने असम विधान सभा चुनावों (Assam Assembly Elections) में जोरहाट में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा है कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो सभी परिवारों को 200 यूनिट तक फ्री बिजली देंगे. इसके साथ ही उन्होंने पांच बड़े ऐलान किए. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मरीयानी में एक रैली में कहा, "बीजेपी संस्कृति, भाषा, इतिहास और असम के भाईचारे पर हमला कर रही है, हम नरफरत को मिटाएंगे और शांति लाएंगे."

उन्होंने जिन पांच वादों का ऐलान किया, उसमें पहला राज्य में सीएएस लागू नहीं करने का फैसला है. दूसरे वादे में उन्होंने कहा कि चाय बागान के मजदूरों के न्यूनतम 365 रुपये रोजाना पारिश्रमिक दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि चाहे जो कुछ हो जाय, वो इसे लागू करके रहेंगे. गांधी ने तीसरे वादे के रूप में हर परिवार को 200 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा किया. चौथे वादे में उन्होंने कहा कि राज्य की हर महिला को 2000 रुपये प्रति माह देंगे. इसके अलावा राहुल ने राज्य में बेरोजगारी दूर करने के लिए 5 लाख नौकरियों का भी ऐलान किया.

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एक दिन पहले भी राहुल गांधी ने शुक्रवार को ''पांच गारंटियां'' देते हुए कहा था कि असम में अगर उनकी पार्टी की सरकार बनी तो सीएए लागू नहीं होगा और छह घंटे के अंदर चाय श्रमिकों का दैनिक वेतन बढ़ाकर 365 रुपये कर दिया जाएगा. गांधी ने विधानसभा चुनाव के लिये तैयार असम की अपनी यात्रा के पहले दिन चुनावी रैली में कॉलेज के छात्रों, चाय कामगारों समेत सभी वर्ग के लोगों को आश्वासन दिये.

उन्होंने कल डिब्रूगढ़ जिले में लाहोवल कॉलेज के छात्रों, चाबुआ में चाय कामगारों और डूमडूमा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस असम विधानसभा में यह सुनिश्चित करेगी कि संशोधित नागरकिता कानून (सीएए) लागू न किया जाए.गांधी ने कहा, ''राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता में आने पर हम अन्य राज्यों में भी इसे लागू होने से रोकेंगे.'' दिसंबर 2019 में यह कानून पारित होने के बाद असम में हिंसक प्रदर्शन हुए थे.

कांग्रेस नेता ने चाबुआ में डिनजॉय चाय बागान में कामगारों से मुखातिब होते हुए कहा, ''हम सत्ता में आने के छह घंटे के अंदर चाय कर्मियों का दैनिक वेतन 167 रुपये से बढ़ाकर 365 रुपये कर देंगे.'' उन्होंने कहा, ''मेरा नाम नरेन्द्र मोदी नहीं है और मैं झूठ नहीं बोलता. कोई क्या बोलता है उसे बोलने दीजिये लेकिन मैं आपको गारंटी देता हूं कि सरकार बनते ही आपको 365 रुपये मिलने लगेंगे."

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गांधी ने कहा कि कांग्रेस पांच गारंटियां देती है, जिनमें पांच साल में युवाओं के लिये पांच लाख सरकारी नौकरियां, प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और गृहिणियों को प्रतिमाह दो हजार रुपये देना, सीएए लागू न करना और चाय कामगारों का वेतन बढ़ाने की गारंट शामिल है. इससे पहले, डिब्रूगढ़ जिले में कॉलेज के छात्रों के साथ चर्चा के दौरान गांधी से जब पूछा गया कि क्या भाजपा धर्म और राजनीति को आपस में मिला रही है तो उन्होंने जवाब दिया कि भगवा पार्टी समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विभाजन पैदा करने के लिये धर्म का नहीं बल्कि नफरत का इस्तेमाल करती है.


उन्होंने कहा, ''''कोई भी धर्म दुश्मनी नहीं सिखाता. हिंदू धर्म में कहां लिखा है कि नफरत फैलानी चाहिये? भाजपा ने समाज को बांटने के लिए नफरत का इस्तेमाल किया. वे चाहे जो कर लें पर कांग्रेस प्यार और सौहार्द बढ़ाएगी.'' 

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार देश में बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी बढ़ाने के साथ अपने ‘मित्रों' की कमाई बढ़ा रही है. उन्होंने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘इस सरकार ने क्या बढ़ाया? बेरोज़गारी, महंगाई, ग़रीबी और सिर्फ़ मित्रों की कमाई.''कांग्रेस नेता ने जो खबर साझा की है उसमें कहा गया है कि कोरोना महामारी के बाद देश में 3.3 करोड़ से अधिक मध्य वर्ग से लोग गरीबी रेखा से नीचे पहुंच गए हैं. (भाषा इनपुट्स के साथ)