
लोकपाल विधेयक को मंजूर किए जाने की मांग को लेकर पिछले पांच दिन से अनशन कर रहे अन्ना हजारे ने शनिवार को कहा कि वह राज्यसभा में पेश किए गए संशोधित विधेयक से खुश हैं और जैसे ही कानून बनेगा वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।
राहुल गांधी द्वारा लोकपाल विधेयक को मंजूर किए जाने की वकालत करने के कुछ ही देर बाद हजारे ने संवाददाताओं से कहा, 'विधेयक जैसे ही राज्यसभा में पारित होगा, लोकसभा इसका अनुमोदन करेगी और राष्ट्रपति कानून बनाने के लिए इसपर दस्तख्त करेंगे, मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा।'
हजारे ने कहा कि विधेयक से उनकी बहुत सी आकांक्षाएं पूरी हो रही है और उन्होंने राज्यसभा में कल पेश किए गए विधेयक की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, 'मैंने मसौदा विधेयक में जो कुछ देखा है, मैं उससे संतुष्ट हूं और उसका स्वागत करता हूं।' हजारे ने कहा कि वह कुछ मुद्दे विधेयक में जोड़ना चाहते थे, जो छूट गए हैं, लेकिन इससे वह निराश नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'अगर मैं अपनी राय संसद पर थोपने का प्रयास करूंगा, तो यह गलत होगा। संसद का अपना महत्व है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर 2.3 चीजें छूट गई हैं।'
हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री, सीबीआई और सीवीसी को लोकपाल के दायरे में लाना अच्छा कदम होता। 'हम लंबे समय से सीबीआई को सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने पर जोर दे रहे हैं।'
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