अमरनाथ यात्रा लगातार दूसरे वर्ष रद्द की गई, कोरोना महामारी को देखते हुए लिया गया फैसला

कोरोना के कारण बड़े धार्मिक आय़ोजनों और भीड़ के जमा होने पर रोक है. माना जा रहा है कि इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रा को रद्द किया गया है. सामान्य दिनों में हर साल हजारों लोग पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर जाते हैं. 

अमरनाथ यात्रा लगातार दूसरे वर्ष रद्द की गई, कोरोना महामारी को देखते हुए लिया गया फैसला

Amarnath Yatra का पिछले साल भी आयोजन नहीं हुआ था.

नई दिल्ली:

अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra Cancelled) को कोरोना महामारी के कारण लगातार दूसरे साल रद्द करने का फैसला किया गया है. दरअसल, कोरोना के कारण बड़े धार्मिक आय़ोजनों और भीड़ के जमा होने पर रोक है. इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रा को रद्द किया गया है. सामान्य दिनों में हर साल हजारों लोग पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी (Baba Barfani) के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) जाते हैं. इससे पहले कोविड-19 को देखते हुए अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन को निलंबित कर दिया था. श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (Shri Amarnathji Shrine Board) ने भी कहा था कि स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है.

सामान्यतया 56 दिनों की अमरनाथ यात्रा 28 जून से दोनों रूट से शुरू होनी थी और रक्षा बंधन पर 22 अगस्त को इसका समापन होना था. अमरनाथ यात्रा को लेकर शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बैठक हुई थी.जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी दो दिन पहले कहा था कि सरकार जल्द ही अमरनाथ तीर्थयात्रा को लेकर फैसला करेगी. हिमालय में 3880 मीटर ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव के गुफा मंदिर के लिए पवित्र यात्रा 28 जून को पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू होनी थी.सिन्हा ने कहा था कि लोगों की जान बचाना ज्यादा जरूरी है.


कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए जल्द ही इस पर फैसला  होगा. पिछले साल 2020 में भी महामारी के कारण तीर्थयात्रा रद्द कर दी गई थी।सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा हालातों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बैठक में हिस्सा लिया था. बैठक में एनएसए अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, केंद्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन के शीर्ष सुरक्षा और खुफिया अधिकारी शामिल हुए थे.

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जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर के कार्यालय ने ट्वीट किया, "व्यापक जनहित को देखते हुए यह फैसला किया गया है कि इस साल अमरनाथ यात्रा नहीं होगी. अमरनाथ यात्र इस साल भी सांकेतिक होगी और सभी धार्मिक परंपराएं पवित्र गुफा में ही पूरी की जाएंगी."