New Delhi:
शनिवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री के निवास पर कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल थे। बैठक में सरकार के कई मुद्दों के अलावा लोकपाल बिल के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक सरकार लोकपाल बिल के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुला सकती है।अन्ना हजारे के नेतृत्व में समाज के सदस्यों और सरकार में गहराते मतभेद के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पार्टी के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ हुई बैठक में सर्वदलीय बैठक बुलाने पर आम राय बनती दिखी। लोकपाल और तेलंगाना जैसे अन्य संवेदनशील मुद्दों को लेकर सोनिया के नेतृत्व वाले कांग्रेस कोर ग्रुप की शनिवार को बैठक हुई। इससे पहले शुक्रवार रात में में भी कोर ग्रुप में दो घंटे तक चर्चा हुई थी। हजारे और उनके सहयोगी संयुक्त मसौदा समिति की बैठक के दौरान प्रस्तावित लोकपाल विधेयक में प्रधानमंत्री और शीर्ष अदालतों को शामिल करने पर जोर दे रहे हैं। इस समिति की अब 20 और 21 जून को बैठक होने वाली है। सरकार प्रथम दृष्टया प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाये जाने का विरोध कर रही है, लेकिन वह इस बात पर विचार करने को तैयार है कि प्रधानमंत्री पद से हट जाने के बाद वह व्यक्ति इसकी परिधि में लाया जा सकता है। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि सरकार की प्रथम दृष्टा राय है कि प्रधानमंत्री को इसके (लोकपाल) दायरे में नहीं लाया जाना चाहिए। लेकिन साथ ही हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यदि वह अपना कार्यालय छोड़ देते हैं, तो उन्हें अभियोजन से मुक्त नहीं किया जाना चाहिए। (इनपुट एजेंसी से भी)
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