समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) उत्तर प्रदेश के रहने वाले नही हैं और वह दूसरे प्रदेश से आये हैं किंतु फिर भी यहां के लोगों ने उन्हें स्वीकार किया है, इसलिए उन्हें राज्य की जनता का आभार व्यक्त करना चाहिए.
अखिलेश ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में यह बात कहीं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मुख्यमंत्री को बाहरी बताने के पीछे उनका क्या आशय है? पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश की जनता मौजूदा भाजपा सरकार से परेशान हो चुकी है और अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है.
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर चर्चा, एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के रहने वाले नहीं है, वह दूसरे प्रदेश से आये हैं लेकिन फिर भी यहां की जनता ने स्वीकार किया है और इसलिये उन्हें प्रदेश की जनता को धन्यवाद देना चाहिए.'' मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की ‘‘अन्नदाताओं की खुशहाली दलालों को रास नहीं आ रही....' संबंधी टिप्पणी की आलोचना करते हुए, सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘इतना बड़ा झूठ सदन में कोई बोल सकता है क्या, मैं उनसे जानना चाहता हूं कि उनकी सरकार कितने किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलवा पायी है.''
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे जानना चाहता हूं कि क्या उनकी सरकार गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, संतकबीर नगर, बस्ती, गोंडा और फैजाबाद जिलों में किसानों को धान की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) दिलवा पायी है. हम जानना चाहते है कि धान की क्या कीमत दी है आपने.''
गौरतलब है कि शुक्रवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘‘अन्नदाता किसान को धोखा देकर ''दलाली'' करने वाले लोग आज इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पैसा सीधे उनके (किसानों) खातों में क्यों जा रहा है. आज तो पर्ची भी किसानों के स्मार्ट फोन पर प्राप्त हो रही है. घोषित ''दलाली'' का जो जरिया था वह भी समाप्त हो गया है.''
अखिलेश ने दावा किया, ‘‘इस सरकार ने झूठ कहा कि गन्ना किसानों को सबसे अधिक भुगतान भाजपा सरकार में हुआ.उन्हें इसका सबूत देना चाहिए. इस सरकार ने अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी। लोगों की नौकरियां चली गईं और ये तीनों कृषि कानून इसलिए लाए गए हैं कि कृषि पर भी कुछ उद्योग घरानों का नियंत्रण स्थापित हो जाए.''
इस बीच, सपा प्रमुख के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा, "मुझे लगता है कि कुछ लोग अभी भी (चुनावों में) हार को नहीं भूले हैं, और उन्हें अभी तक यह महसूस नहीं हो पाया कि वे सत्ता से बाहर हैं, इसलिए आधारहीन टिप्पणी कर रहे हैं.''
उन्होंने कहा कि ''उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों से घबराकर विपक्ष बौखलाहट में बयान दे रहे हैं और भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं.'' शर्मा ने कहा सपा नेता की ओर परोक्ष संकेत करते हुए कहा कि जिनसे अपना घर नहीं संभाला जाता, जिनसे उत्तर प्रदेश की सरकार संभाली नहीं गई और जिन्होंने उप्र को अराजकता की तरफ भेज दिया वही उत्तर प्रदेश को लेकर ऐसे बयान दे रहे हैं. आरोप तथ्यों के आधार पर लगाने चाहिए और अपने कार्यों से तुलना की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि एक सर्वे में योगी आदित्यनाथ को देश का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुना गया है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं