
समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न पाने वाले उम्मीदवारों को सपा में आने का आमंत्रण दिया है. अखिलेश जाहिर तौर पर सपा द्वारा कल जारी की गई छह उम्मीदवारों की पहली सूची में घोषित किये गये बुधनी विधानसभा क्षेत्र से सपा के उम्मीदवार अर्जुन आर्य द्वारा सपा का टिकट वापस करने की घटना से नाराज दिखाई दिये. वर्तमान में बुधनी से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा के विधायक हैं. प्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं.
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आर्य ने प्रदेश में भाजपा की सत्ता उखाड़ने के लिये कांग्रेस को सशक्त विकल्प बताते हुए जल्दी ही कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है. अखिलेश ने खजुराहो में टिकट ना पाने वाले कांग्रेस नेताओं के लिये सपा के द्वार खुले होने का आश्वासन देते हुए कहा, ‘कांग्रेस ने इसी तरह बसपा को नाराज किया. यदि इसके पीछे (अर्जुन के सपा टिकट वापस करने पर) कांग्रेस नेताओं का हाथ है. हम तो स्वागत करते हैं उन तमाम लोगों का जो समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ना चाहते हैं. मैं यह नहीं कहूंगा कि कांग्रेस को हमारे उम्मीदवारों को लेना चाहिये लेकिन मुझे बुरा लगेगा यदि मैं यह कहूं कि कांग्रेस के जिन साथियों को टिकट ना मिले वह सपा में शामिल हो जायें. ’
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यादव ने कहा कि याद रखना कि जब कभी कांग्रेस पार्टी कमजोर होती है तो सबसे करीब और सबसे अच्छा कोई दल हो सकता है तो वह समाजवादी दल ही है. मध्यप्रदेश में सपा के बाकी प्रत्याशियों की घोषणा के सवाल पर एक सपा उम्मीदवार के टिकट वापस करने से सचेत सपा अध्यक्ष ने कहा, ‘अभी नहीं होगी प्रत्याशियों की घोषणा, अभी केवल बातचीत होगी. प्रत्याशियों की घोषणा रुक कर होगी.’ मध्यप्रदेश में गठबंधन नहीं होने के सवाल पर अखिलेश ने सारा ठीकरा कांग्रेस के सर पर फोड़ते हुए कहा, ‘गठबंधन कि जिम्मेदारी कांग्रेस की थी कि सभी दलों को साथ लेने की. ’ सपा ने मध्यप्रदेश में छह उम्मीदवारों के पहली सूची जारी की थी. इसमें से बुधनी से सपा के उम्मीदवार अर्जुन आर्य ने सपा का टिकट वापस कर दिया.
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आर्य ने कहा, ‘वर्तमान में किसान विरोधी भाजपा सरकार को उखाड़ने का सशक्त विकल्प प्रदेश में कांग्रेस ही है. इसलिये मैंने ससम्मान सपा का टिकट वापस लौटाया और कांग्रेस का साथ देने का मन बनाया है. ’ उन्होने कहा,‘मैंने सितम्बर को शिवराज सरकार के खिलाफ अनशन आंदोलन किया था. इस पर सरकार ने दमनपूर्ण कार्रवाई करते हुए मुझे आंदोलन से उठाकर जेल में बंद कर दिया, वहां भोपाल जेल में 18 सितम्बर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्वियज सिंह से मेरी मुलाकात हुई. इसके बाद मैंने प्रदेश से भाजपा की सत्ता का उखाड़ने के लिये सशक्त विकल्प के तौर पर कांग्रेस पार्टी का समर्थन करने का मन बनाया. शीघ्र ही मैं औपचारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाऊंगा.’
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