
पोखरन:
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की उपस्थिति में राजस्थान के पोखरन फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना ने अपने पहले दिनरात्रि अभ्यास में युद्ध तथा गोलीबारी कौशल का प्रदर्शन किया।
अब तक के सबसे बड़े अभ्यासों में से एक में वायुसेना ने जैसलमेर के करीब रेंज में हवा से जमीन पर गोलीबारी और अचूक बमबारी के कौशल का प्रदर्शन किया।
एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा, ‘सशस्त्र बलों के शीर्ष कमांडर जो कि राष्ट्रपति हैं, उनके समक्ष यह व्यक्ति, मशीन, हथियार और तकनीक पहलुओं का प्रदर्शन है।
‘आयरन फिस्ट’ एमआई8 हेलीकाप्टरों द्वारा ‘फ्लैग ट्रूपिंग’ और वायुसेना विमानों द्वारा ‘फ्लाई पास्ट’ के साथ शुरू हुआ। इसके बाद जाल से जुड़े अभियान का अभ्यास किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अपने संबोधन में एयर चीफ मार्शल ब्राउन ने अभ्यास के उद्देश्य और बल के आधुनिकीकरण के स्तर पर प्रकाश डाला।
तीन चरण के अभ्यास में सौ से अधिक लड़ाकू और परिवहन विमान तथा हेलीकॉप्टर ने भाग लिया जबकि इतने ही विमानों को अतिरिक्त रखा गया।
अब तक के सबसे बड़े अभ्यासों में से एक में वायुसेना ने जैसलमेर के करीब रेंज में हवा से जमीन पर गोलीबारी और अचूक बमबारी के कौशल का प्रदर्शन किया।
एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा, ‘सशस्त्र बलों के शीर्ष कमांडर जो कि राष्ट्रपति हैं, उनके समक्ष यह व्यक्ति, मशीन, हथियार और तकनीक पहलुओं का प्रदर्शन है।
‘आयरन फिस्ट’ एमआई8 हेलीकाप्टरों द्वारा ‘फ्लैग ट्रूपिंग’ और वायुसेना विमानों द्वारा ‘फ्लाई पास्ट’ के साथ शुरू हुआ। इसके बाद जाल से जुड़े अभियान का अभ्यास किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अपने संबोधन में एयर चीफ मार्शल ब्राउन ने अभ्यास के उद्देश्य और बल के आधुनिकीकरण के स्तर पर प्रकाश डाला।
तीन चरण के अभ्यास में सौ से अधिक लड़ाकू और परिवहन विमान तथा हेलीकॉप्टर ने भाग लिया जबकि इतने ही विमानों को अतिरिक्त रखा गया।