New Delhi:
भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशनरत अन्ना हजारे से बातचीत शुरू करने की पहल के बाद हजारे को जो प्रस्ताव दिया गया था, उसे उन्होंने खारिज कर दिया है। खबरों के मुताबिक, वार्ता के दौरान, लोकपाल विधेयक को प्रभावी बनाने के लिए इसका खाका तैयार करने के उद्देश्य से नागरिक समुदाय के कार्यकर्ताओं और सरकार के प्रतिनिधियों की एक अनौपचारिक समिति बनाने का प्रस्ताव दिया गया था। केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने गुरुवार सुबह इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए स्वामी अग्निवेश और अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी, जिसके बाद दोनों कार्यकर्ताओं ने हजारे को इस बातचीत के बारे में जानकारी दी। जानकारी मिलने के बाद 72 वर्षीय गांधीवादी हजारे ने कहा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम अपना अनशन जारी रखेंगे। केजरीवाल ने धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों को बताया कि सिब्बल उनकी इस मांग पर सहमत हो गए हैं कि विधेयक का खाका बनाने के लिए एक समिति बनाई जाए, जिसमें 50 फीसदी सदस्य नागरिक समुदाय से हों और शेष 50 फीसदी सरकार के प्रतिनिधि हों। लेकिन केजरीवाल के मुताबिक, सिब्बल ने उनसे कहा कि यह समिति किसी अधिसूचना से नहीं बनाई जाएगी, बल्कि यह एक अनौपचारिक समिति होगी। वहां मौजूद सभी लोगों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह प्रस्ताव भी खारिज कर दिया गया कि वरिष्ठ मंत्री प्रणब मुखर्जी इस समिति के अध्यक्ष होंगे। धरना स्थल पर मौजूद सभी कार्यकर्ताओं ने एकस्वर में कहा, समिति का अध्यक्ष अन्ना हजारे को बनाया जाना चाहिए। दोनों कार्यकर्ताओं ने सिब्बल को बताया कि वे विधेयक का खाका तैयार करने का काम शुरू करने के लिए 13 मई तक का इंतजार नहीं कर सकते, जिस दिन मौजूदा विधानसभा चुनाव खत्म होने हैं। केजरीवाल ने सभी कार्यकर्ताओं से कहा, हम फौरन काम शुरू करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी अग्निवेश ने मंत्री से कहा कि संशोधित विधेयक संसद के मानसून सत्र की शुरुआत तक तैयार हो जाए। केजरीवाल और कार्यकर्ताओं की मांगों के बारे में सुनने के बाद हजारे ने उठकर कहा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, मेरा अनशन जारी रहेगा। इसके पहले अपने निवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने वाले सिब्बल ने कहा था कि शुरुआती दौर की वार्ता में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है। बैठक के बाद सिब्बल ने संवाददाताओं को बताया, हमने बातचीत की पहल की है। हमने कल शाम मुलाकात की थी। हमने आज भी मुलाकात की। बातचीत रचनात्मक रही है...आगे की चीजों पर अभी सहमति बननी है। हम दोबारा मुलाकात कर रहे हैं। सिब्बल ने हजारे से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा था, हम भ्रष्टाचार से निपटना चाहते हैं। हम भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहते हैं। हम चाहते हैं कि नागरिक समुदाय भी अपनी भागीदारी दे। हमें उससे कोई परेशानी नहीं है।
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