
नई दिल्ली:
प्रवर्तन निदेशालय ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत पहली बार पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा से पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान निदेशालय के जांचकर्ताओं ने राजा से उनके मंत्रिमंडलीय कार्यकाल के दौरान स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछे। इसके अलावा राजा की निजी आमदनी के बारे में भी सवाल पूछे गए।
इस दौरान राजा से उनके मंत्रिमंडलीय सहोगियों के बारे में और दूरसंचार लाइसेंस आवंटन में उनकी भूमिकाओं के बारे में भी पूछा गया। निदेशालय ने उन वित्तीय दस्तावेजों को भी अपने पास रख लिया, जिन्हें राजा से धनशोधन निरोधी कानून (पीएमएलए) के प्रावधान के तहत पूछताछ के दौरान लाने को कहा गया था।
सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े नीतिगत फैसलों के संदर्भ में डीएमके के इस पूर्व मंत्री को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
गौरतलब है कि सीबीआई ने राजा को इस मामले में पिछले साल गिरफ्तार किया था और उन्हें इस साल मई में जमानत मिली।
इस दौरान राजा से उनके मंत्रिमंडलीय सहोगियों के बारे में और दूरसंचार लाइसेंस आवंटन में उनकी भूमिकाओं के बारे में भी पूछा गया। निदेशालय ने उन वित्तीय दस्तावेजों को भी अपने पास रख लिया, जिन्हें राजा से धनशोधन निरोधी कानून (पीएमएलए) के प्रावधान के तहत पूछताछ के दौरान लाने को कहा गया था।
सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े नीतिगत फैसलों के संदर्भ में डीएमके के इस पूर्व मंत्री को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
गौरतलब है कि सीबीआई ने राजा को इस मामले में पिछले साल गिरफ्तार किया था और उन्हें इस साल मई में जमानत मिली।
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