
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पिछले दो सालों में कोविड-19 के उपचार के लिए लगभग 8.3 लाख अस्पताल भर्तियों को अधिकृत किया गया था. राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘‘यह आंकड़ें एनएचए (राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण) के आईटी प्लेटफॉर्म पर दर्ज लेनदेन के साथ-साथ राज्यों द्वारा अपनी स्वयं की आईटी प्रणालियों का प्रयोग करते हुए साझा की गई सूचना के संदर्भ में हैं.''
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उन्होंने कहा कि इन 8.3 लाख अस्पताल भर्तियों में से 4.7 लाख को पैनलबद्ध निजी अस्पतालों में अधिकृत किया गया था. उन्होंने बताया कि इस योजना के लाभ देश भर में लागू हैं. लाभार्थी नकद रहित उपचार प्राप्त करने के लिए भारत में किसी भी पैनलबद्ध या निजी अस्पताल में जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए उन लाभार्थियों का ब्योरा शहरी-ग्रामीण तौर पर नहीं रखा जाता जिन्होंने इस योजना के तहत उपचार की सुविधा ली है.''
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत, उपचार पैकेजों को समेकित रूप में रखा गया है और इसमें उपचार के सभी पहलूओं को कवर किया गया है जैसे कि औषधियां, दवाएं, ऑक्सीजन और स्कीम के तहत उपचारित रोग की विशिष्ट नैदानिक सेवाएं. उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार विशेषकर कोविड-19 के उपचार के लिए पैकेजों को अपने हिसाब से रखने की छूट दी गई है.
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