76 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर 5 टैंकर UP रवाना, कोरोना से कराह रहे मरीजों को राहत

कोरोना संकट में ऑक्सीजन की किल्लत के बीच 5 टैंकर में 76 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लखनऊ के लिए रवाना हुई है. इससे कोरोना से कराह रहे मरीजों को राहत मिलेगी.

76 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर 5 टैंकर UP रवाना, कोरोना से कराह रहे मरीजों को राहत

मेडिकल ऑक्सीजन के साथ 5 टैंकर लखनऊ के लिए रवाना.

नई दिल्ली:

देशभर के अस्पतालों में ऑक्सीजन, बेड और जरूरी दवाओं की कमी है. इसी बीच रेलवे द्वारा झारखंड के बोकारो से मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति के लिये चलाई गयी ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस' अब लखनऊ के लिए रवाना हो गई है. 5 टैंकर में 76 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लखनऊ के लिए रवाना हुई है. इससे कोरोना से कराह रहे मरीजों को राहत मिलेगी.उत्तर प्रदेश को मंगलवार रिकॉर्ड 321 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन प्राप्त हुई थी. राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव  (गृह विभाग) अवनीश के अवस्थी ने बुधवार को ये जानकारी दी.  सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों तक ये ऑक्सीजन पहुंचाई गई. अवस्थी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सबसे ज्यादा आवंटन यूपी को किया है, जो 850 मीट्रिक टन ऑक्सीजन से ज्यादा है.

इससे पहले‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस' मध्य प्रदेश के जबलपुर और सागर में ऑक्सीजन की आपूर्ति करते हुए बुधवार को भोपाल के निकट मंडीदीप पहुंच गयी है. यह जानकारी मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने दी है. उन्होंने कहा कि इस ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस' से छह टैंकरों में करीब 64 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर एवं मंडीदीप के लिए लाई गई है. उन्होंने कहा कि इन छह टैंकरों में से सागर को तीन टैंकर ऑक्सीजन दिये गये हैं, जबकि जबलपुर को एक और मंडीदीप को दो टैंकर ऑक्सीजन मिले हैं. अधिकारी ने बताया कि यह ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस' प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाएगी, जिससे मरीजों को जीवन रक्षा में सहायता प्राप्त होगी.

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वहीं, अमेरिका और रूस से चिकित्सा आपूर्ति की पहली खेप के बृहस्पतिवार तक भारत पहुंच जाने की उम्मीद है और सरकार विदेश से ऑक्सीजन टैंकों, जनरेटरों एवं अन्य संबंधित चीजें तथा अहम दवाइयां खरीदने पर पूरा ध्यान दे रही है. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि भारत ने भारतीय दूतावास एवं अन्य माध्यमों से अमेरिका से एस्ट्राजेनेका टीके तथा टीकों के उत्पादन में जरूरी कच्चे माल समेत चिकित्सा आपूर्ति की मांग की है.

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भारत के कोरोना वायरस की विनाशकारी दूसरी लहर से जूझने के बीच अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और जर्मनी समेत कई देशों ने इस स्थिति से उबरने में मदद पहुंचाने के लिए भारत में चिकित्सा आपूर्ति भेजने की घोषणा की थी. इसी बीच ब्रिटेन ने पुष्टि की है कि महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की पहली खेप के बाद बुधवार और बृहस्पतिवार तक 400 और ऑक्सीजन सांद्रक भारत भेजे जाएंगे ताकि कोविड-19 महामारी की “भयावह” दूसरी लहर में भारी मांग को कुछ कम किया जा सके.प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संसद के अपने साप्ताहिक ‘प्राइम मिनिस्टर्स क्वेश्चन्स' (पीएमक्यू) सत्र की शुरुआत भारत के साथ एकजुटता के संदेश के साथ की और कहा कि आगे की जरूरतों के बारे में भारत सरकार के साथ चर्चा चल रही है. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि ब्रिटेन भारत को सहायता की आपूर्ति करने वाला पहला देश है जहां से 200 वेंटिलेटर और 95 ऑक्सीजन सांद्रकों की खेप मंगलवार को नयी दिल्ली पहुंची और उसे भारतीय अस्पतालों में वितरित किया जा रहा है.

(भाषा से इनपुट)


ऑक्सीजन एक्सप्रेस झारखंड के बोकारो से मध्यप्रदेश के जबलपुर पहुंची

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