
भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि अभी तक 3 सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सुनवाई से खुद को अलग किया है. प्रधान न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस बीआर गवई, और जस्टिस रविन्द्र भट्ट ने खुद को सुनवाई से अलग किया था. जस्टिस गवई जिस तीन जजों की बेंच में शामिल थे, उसने इसलिए इनकार किया कि यह बेंच आगे भी चलने वाली है.
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपी एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की याचिका पर जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ मामले की सुनवाई करेगी. इसमें जस्टिस अरुण मिश्रा के अलावा जस्टिस दीपक गुप्ता भी शामिल हैं. इससे पहले जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस एस रविंद्र भट्ट सहित तीन जजों ने सुनवाई से खुद को अलग किया था. जिसके बाद सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई ने नई पीठ का गठन किया है.
गौरतलब है कि गौतम नवलखा ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने नवलखा के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया था.
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