
मंगलवार शाम नई दिल्ली स्टेशन से 3 बच्चे बरामद किए गए। बड़ी बात ये है कि इन तीनों को माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर के जरिए ढूंढा गया। माना जा रहा है कि उनके पिता ने ही उन्हें यहां छोड़ दिया था। अच्छी बात ये रही कि ट्विटर पर चली एक मुहिम के बाद तीनों बच्चे अपनी मां के पास पहुंच गए।
मंगलवार शाम ट्रेंड हो रहे एक ट्वीट पर अचानक दिल्ली पुलिस की नजर गई। किसी आम व्यक्ति ने ट्वीट किया कि 10 साल से कम उम्र के तीन बच्चे डरे-सहमे हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 16 पर एक साथ हैं, कृपया उनकी मदद करें। इस पहले ट्वीट के करीब आधे घंटे बाद जब पुलिस वहां पहुंची तो, बच्चे वहां नहीं थे। गनीमत ये थी कि पुलिस ने उन्हें प्लेटफॉर्म नंबर एक से ढूंढ निकाला।
सात साल की रुमाना, 5 साल का राजा और 4 वर्षीय सनाया बुरी तरह से रो रहे थे। तीनों बच्चे बहुत डरे हुए थे और पुलिस को कुछ भी नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया और खाने के लिए कुछ दिया तो उन्होंने पुलिस को पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि शाम को अचानक उनके पिता दिखे और वे उन्हें लेकर 3 किमी दूर रेलवे स्टेशन आ गए। पुलिस का कहना है, लगता है बच्चों के पिता ने उनसे कहा होगा कि जब तक उनकी मां उन्हें ढूंढ ना ले वे यहीं रहें।
बच्चों ने पुलिस को अपना एड्रेस बताया तो पुलिस उन्हें लेकर नबी करीम में उनके घर पहुंच गई। लेकिन घर पर मां तबस्सुम सो रही थी। पुलिस इस बात से हैरान थी। मां ने पुलिस को बताया कि काम से लौटने के बाद उसने इधर-उधर देखा बच्चे नहीं मिले तो सो गई। 37 वर्षीय तबस्सुम अपने पति से अलग रहती हैं। उन्होंने बताया कि जब वह काम से लौटती हैं तो अक्सर बच्चे घर पर नहीं होते हैं, इसलिए रोज की बात समझकर वह सो गई।
उन्होंने बताया कि कानपुर निवासी उनका पति अक्सर बच्चों को ले जाता है और फिर छोड़ भी जाता है। दोनों के 7 में से 4 बच्चे तबस्सुम और 3 बच्चे उनके पति के साथ रहते हैं। माना जा रहा है कि तबस्सुम के पति ने उसे छोड़ने की सजा के तौर पर बच्चों को इस तरह से रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया होगा।
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