
बेंगलुरु:
शनिवार को नेपाल में आए ज़लज़ले के बाद अब बेंगलुरु के आपदा प्रबंधन केंद्र के तरफ से जानकारी दी गयी है कि अब भी कर्नाटक के तक़रीबन 200 लोगों के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही। ये लोग नेपाल ट्रैकिंग, तीर्थयात्रा या फिर पर्यटन के लिए गए थे।
भूकंप के वक़्त नेपाल में कर्नाटक से गए 1083 लोग नेपाल के अलग-अलग शहरों में मौजूद थे। इनमें से तक़रीबन 950 लोग सुरक्षित हैं, ये जानकारी तो मिली है लेकिन बाक़ी लोगों के बारे में अबतक पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।
हालांकि कर्नाटक सरकार ने दो आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी की देख रेख में एक दल नेपाल और एक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर भेजा है। नेपाल में संचार नेटवर्क ठप्प होने की वजह से वहां मौजूद राहत टीम से बेंगलुरु आपदा प्रबंधन केंद्र का संपर्क फ़ोन के जरिए नहीं हो पा रहा है।
हालांकि गोरखपुर में मौजूद टीम से ये लोग लगातार संपर्क में हैं। बेंगलुरु के एम् एस बिल्डिंग के तीसरे विंग के कमरा नंबर 547 में नियंत्रण कक्ष काम कर रहा है जहां कोई भी व्येक्ति नेपाल में फंसे अपने परिजनों की जानकारी ले सकता है।
भूकंप के वक़्त नेपाल में कर्नाटक से गए 1083 लोग नेपाल के अलग-अलग शहरों में मौजूद थे। इनमें से तक़रीबन 950 लोग सुरक्षित हैं, ये जानकारी तो मिली है लेकिन बाक़ी लोगों के बारे में अबतक पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।
हालांकि कर्नाटक सरकार ने दो आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी की देख रेख में एक दल नेपाल और एक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर भेजा है। नेपाल में संचार नेटवर्क ठप्प होने की वजह से वहां मौजूद राहत टीम से बेंगलुरु आपदा प्रबंधन केंद्र का संपर्क फ़ोन के जरिए नहीं हो पा रहा है।
हालांकि गोरखपुर में मौजूद टीम से ये लोग लगातार संपर्क में हैं। बेंगलुरु के एम् एस बिल्डिंग के तीसरे विंग के कमरा नंबर 547 में नियंत्रण कक्ष काम कर रहा है जहां कोई भी व्येक्ति नेपाल में फंसे अपने परिजनों की जानकारी ले सकता है।
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