वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ऐलान - ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (OFB) का निगमीकरण, रक्षा क्षेत्र में FDI की सीमा अब 74 फीसदी

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लॉकडाउन की वजह से आर्थिक नुकसान से निपटने के लिए  पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सुधार करने होंगे.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ऐलान - ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (OFB) का निगमीकरण, रक्षा क्षेत्र में FDI की सीमा अब 74 फीसदी

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लॉकडाउन की वजह से आर्थिक नुकसान से निपटने के लिए  पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सुधार करने होंगे. रोजगार और व्यापार बढ़ाने के लिए ढांचागत सुधार करने की आवश्यकता है. उत्पादों को विश्वनीय बनाना है. भारत में निवेश का अच्छा माहौल है. वित्त मंत्री ने कहा कि क्षेत्रों में आर्थिक सुधार किए जा सकते हैं आज इस पर चर्चा होगी. उन्होंने रक्षा क्षेत्र में एक बड़े सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे अस्त्रों ,प्लेटफॉर्मों के आयात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, जिनका निर्माण भारत में आवश्यक मानकों पर हो सकता है. इस प्रतिबंध सूची को हर वर्ष बढ़ाया जाएगा. वित्त मंत्री ने रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की बात करते हुए कहा  अब इस सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी से 74 फीसदी कर दी गई है. इसके साथ ही ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड का निगमीकरण किया जाएगा.

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्यों की निवेश की रैकिंग होगी और उसमें देखा जाए कि योजनाएं कितनी आकर्षक हैं. जिन क्षेत्रों में आर्थिक सुधार पर फोकस  है उसमें कोयला खनिज, एयरपोर्ट, इसरो और बिजली वितरण हैं. उन्होंने कहा कि कोयला के क्षेत्र में अभी सरकार का एकाधिकार है, भारत के पास दुनिया का तीसरा बड़ा कोल भंडार है फिर भी बाहर से कोयला मंगाना पड़ता है. वित्त मंत्री ने यह भी जोड़ा कि कोयला पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है इसलिए इससे गैस बनाने पर ज्यादा जोर होगा. सरकार कोयला के क्षेत्र में कर्मसियल माइनिंग की शुरुआत करेगी. इसमें नियमों को और ढील दी जाएगी. इसमें 50 नए ब्लॉकों को तुरंत कमर्सियल माइनिंग के लिए खोला जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि 5 हजार करोड़ रुपये माइनिंग सेक्टर में खर्च किए जाएंगे और खनिज सेक्टर को भी निजी क्षेत्र के लिए खोला जाएगा. 


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