शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर और हरसिमरत कौर बादल समेत कुल 15 अकाली नेताओं ने दी गिरफ़्तारी

प्रदर्शन के बीच शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर और हरसिमरत कौर बादल समेत कुल 15 अकाली नेताओं ने दी गिरफ्तारी दी है.

शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर और हरसिमरत कौर बादल समेत कुल 15 अकाली नेताओं ने दी गिरफ़्तारी

कृषि कानूनों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल का प्रदर्शन

नई दिल्ली:

दिल्ली में आज तीनों कृषि कानूनों के एक साल पूरा होने पर अकाली दल प्रदर्शन कर रहा है. प्रदर्शन के बीच शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर और हरसिमरत कौर बादल समेत कुल 15 अकाली नेताओं ने दी गिरफ्तारी दी. दरअसल, इस मौके पर बड़ी संख्या में अकाली दल के कार्यकर्ता जुटे हैं. ये लोग गुरुद्वारा रकाबगंज से संसद भवन तक मार्च निकालने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. संसद की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी प्रदर्शनकारी को संसद की ओर न जाने दिया जाए. दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने ऐसी किसी मार्च की इजाजत नहीं दी है. दिल्ली के कई इलाकों में सुबह से लोग लंबे ट्रैफिक जाम से जूझ रहे हैं.


गौरतलब है कि शिरोमणि अकाली दल द्वारा तीन कृषि कानूनों को लागू करने के एक साल पूरा होने के विरोध में घोषित ब्लैक फ्राइडे मार्च  से पहले पार्टी ने कहा था कि गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब को बंद किया जा रहा है और दिल्ली की सीमाओं को सील किया जा रहा है. पार्टी ने इसे लेकर ट्वीट किया है, "विरोध प्रदर्शन के लिए आज आने वाले किसानों और अकाली कार्यकर्ताओं की संख्या को देखते हुए, पंजाबियों को रोकने के लिए रकाब गंज साहिब की घेराबंदी की जा रही है. यह काले तानाशाही समय की याद दिलाता है." उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में पंजीकृत वाहनों को दिल्ली की सीमाओं पर रोका जा रहा है. उन्होंने कहा, "दिल्ली के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं और पंजाब के वाहनों को रोका जा रहा है. जबकि अन्य सभी गुजर रहे हैं. पंजाबियों को बताया जा रहा है कि उनका प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है. हमारी शांतिपूर्ण आवाजों ने ताकतों को डरा दिया है." 

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एएनआई से बातचीत करते हुए अकाली दल के महासचिव प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने आश्वस्त किया था कि विरोध मार्च शांतिपूर्ण होगा. उन्होंने कहा, "मार्च शांतिपूर्ण होगा. हम तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए सरकार को ज्ञापन देंगे. यहां तक की यदि हमें विरोध की अनुमति नहीं मिली तो भी हम शांति प्रदर्शन करेंगे और अपना ज्ञापन देंगे."