विज्ञापन
This Article is From Mar 01, 2025

कोविड के बाद 3 साल तक बना रह सकता है न्यूरोलॉजिकल, सांस और हार्ट जुड़ी बीमारियों का खतरा : स्टडी

सबसे जरूरी बात यह रही कि कोविड से प्रभावित लोगों में न्यूरोलॉजिकल और सांस संबंधी बीमारियों, क्रोनिक किडनी फेल्योर और डायबिटीज का खतरा 30 महीने तक बना रहा.

कोविड के बाद 3 साल तक बना रह सकता है न्यूरोलॉजिकल, सांस और हार्ट जुड़ी बीमारियों का खतरा : स्टडी
लगभग 64,000 लोगों के हेल्थ डेटा का विश्लेषण किया, जिन्हें 30 महीने तक ट्रैक किया गया.

कोविड-19 महामारी खत्म हो चुकी है, लेकिन इसका असर अब भी कई लोगों पर बना हुआ है. खासतौर पर वे लोग, जो इस बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती हुए थे, अभी भी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं. दो अलग-अलग अध्ययनों में पाया गया कि कोविड से प्रभावित लोगों को न्यूरोलॉजिकल, सांस संबंधी और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा लंबे समय तक बना रहता है. पहले अध्ययन में, फ्रांस के वैज्ञानिकों ने लगभग 64,000 लोगों के हेल्थ डेटा का विश्लेषण किया, जिन्हें 30 महीने तक ट्रैक किया गया. यह शोध ‘इन्फेक्शियस डिजीज' नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ. अध्ययन में पता चला कि कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती हुए लोगों में किसी भी कारण से मृत्यु दर ज्यादा रही. हर 1 लाख में 5,218 लोगों की मौत हुई.

यह भी पढ़ें: इन लोगों को गलती से भी नहीं खाने चाहिए मखाने, बड़ी दिक्कत हो सकती है

इन 30 महीनों में, ऐसे लोगों को किसी भी बीमारी के कारण दोबारा अस्पताल में भर्ती होने की संभावना ज्यादा रही. खासकर, उन्हें न्यूरोलॉजिकल, मानसिक, हार्ट और सांस संबंधी समस्याओं का ज्यादा खतरा था.

हालांकि पुरुषों और महिलाओं में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना समान थी, लेकिन मानसिक समस्याओं के कारण महिलाओं को ज्यादा भर्ती होना पड़ा. वहीं, 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को अंगों से जुड़ी बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने का ज्यादा खतरा था.

सबसे जरूरी बात यह रही कि कोविड से प्रभावित लोगों में न्यूरोलॉजिकल और सांस संबंधी बीमारियों, क्रोनिक किडनी फेल्योर और डायबिटीज का खतरा 30 महीने तक बना रहा.

डॉ. चार्ल्स बर्डेट के अनुसार, "अस्पताल में भर्ती होने के 30 महीने बाद भी कोविड-19 के मरीजों को गंभीर हेल्थ रिस्क और मृत्यु का खतरा बना रहा, जो इस बीमारी के दूरगामी प्रभावों को दर्शाता है."

शोध की प्रमुख लेखिका डॉ. सारा टुबियाना ने कहा, "यह अध्ययन इस बात की पुष्टि करता है कि कोविड-19 का असर केवल शुरुआती संक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय तक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है."

यह भी पढ़ें: कान में जमी गंदगी को चुटकियों में निकाल देगा ये घरेलू उपाय, कान का मैल आसानी से निकल आएगा बाहर

दूसरा अध्ययन अमेरिका के रश, येल और वाशिंगटन विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों ने किया. इसमें 3,663 लोगों को तीन साल तक ट्रैक किया गया.

‘द लैंसेट रीजनल हेल्थ' पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि लंबे समय तक कोविड से प्रभावित मरीजों की शारीरिक और मानसिक सेहत तीन साल बाद भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई. हालांकि, जिन लोगों ने वैक्सीन ली थी, उनमें स्वास्थ्य सुधार के बेहतर परिणाम देखने को मिले.

लंग कैंसर सिर्फ स्मोकर्स को होता है? लंग कैंसर होने पर मौत निश्चित है? डॉक्टर से जानें इस कैंसर के बारे में पूरी

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Long Covid Neurological Symptoms, Long Covid Respiratory Symptoms, Post Covid Neurological Diseases, Post Covid Respiratory Diseases, Covid Long-term Effects, Covid 3-year Effects, Neurological Effects After Covid, Respiratory Effects After Covid, Long Haul Covid Symptoms, Study On Long Covid Effects, Persistent Covid Symptoms, Long-term Covid Complications, Neurological Disorders Post Covid, Respiratory Problems Post Covid, Covid Long-term Neurological Impact, Covid Long-term Respiratory Impact, Chronic Covid Symptoms, Covid Long-term Study, Covid After Effects 3 Years, Covid Symptom Persistence
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com