विज्ञापन
This Article is From Dec 03, 2024

प्रेग्नेंसी के दौरान सामान्य एंटीसीजर दवा लेने से नुकसान नहीं, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने स्टडी पाया

दवाइयों के इस्तेमाल से ज्यादा महिलाओं को सामान्य जीवन जीने में मदद मिलती है, लेकिन कुछ मामलों में वे भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

प्रेग्नेंसी के दौरान सामान्य एंटीसीजर दवा लेने से नुकसान नहीं, अमेरिकी वैज्ञानिकों ने स्टडी पाया
Antiseizure Medications In Pregnancy: कुछ मामलों में वे भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने एंटी सीजर दवाओं लैमोट्रीजीन और लेवेतिरेसेटम को गर्भावस्था के दौरान उपयोग के लिए सुरक्षित माना है. मिर्गी के दौरान शरीर में अकड़न, कांपना, बेहोशी, बोलने में कठिनाई और अनैच्छिक मूत्र की समस्या पैदा होती है. हालांकि, दवाइयों के इस्तेमाल से ज्यादा महिलाओं को सामान्य जीवन जीने में मदद मिलती है, लेकिन कुछ मामलों में वे भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकती हैं. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने उन महिलाओं के बच्चों पर शोध किया है जिन्होंने मिर्गी के लिए एक या दो दवा का सेवन गर्भावस्था के दौरान किया.

यह भी पढ़ें: दुबलेपन से हैं परेशान, तो सर्दियों में खाना शुरू करें ये 3 चीजें, अपने आप चढ़ने लगेगा शरीर पर मांस, कमजोरी होगी दूर

एंटीसीजर दवाओं का सुरक्षित विकल्प:

शोधकर्ताओं ने मिर्गी से पीड़ित महिलाओं के 298 बच्चों और हेल्दी महिलाओं के 89 बच्चों के बीच शोध किया. जेएएमए न्यूरोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, लैमोट्रीजीन और लेवेतिरेसेटम, वैल्प्रोएट जैसी पुरानी एंटीसीजर दवाओं का सुरक्षित विकल्प है. जो बच्चों में ऑटिज्म और कम आईक्यू के जोखिम को बढ़ाने के साथ-साथ अन्य कॉग्नेटिव एबिलिटी को नुकसान पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं.

अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने पाया है कि 6 साल के उन बच्चों में बोलने की क्षमता सामान्य थी जिनकी माताओं ने गर्भावस्था के दौरान एक या दोनों एंटी सीजर दवाओं का सेवन किया था.

लेखकों ने क्या कहा?

न्यूरोलॉजी और न्यूरोलॉजिकल विज्ञान के प्रोफेसर और प्रमुख लेखक किमफोर्ड मीडोर ने कहा है कि लैमोट्रीजीन और लेवेतिरेसेटम के परिणाम बहुत अच्छे दिख रहे हैं. मेडोर ने कहा कि इन दवाओं को लेने के बाद मिर्गी से पीड़ित महिलाओं के बच्चों और हेल्दी महिलाओं के बच्चों के परिणामों में कोई अंतर नहीं देखा गया है जो बहुत उत्साहजनक है.

यह भी पढ़ें: एक महीने तक रोज कद्दू के बीज खाने से क्या होता है? चमत्कारिक फायदे जान आप भी आज से ही करने लगेंगे सेवन

गर्भावस्था के दौरान जितना संभव हो सके दौरे को रोकना जरूरी है, क्योंकि दौरे से मां और भ्रूण दोनों को नुकसान हो सकता है. न्यूरोलॉजिस्ट और प्रसूति विशेषज्ञों की निगरानी में मिर्गी से पीड़ित महिलाओं की देखभाल की जाती है, क्योंकि यह गर्भावस्था के दौरान रोग को मैनेज करने में एक्सपर्ट होते हैं.

मीडोर ने कहा है कि सही देखभाल के साथ मिर्गी से पीड़ित 90 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं की गर्भावस्था सामान्य होगी और उनके बच्चे भी सामान्य होंगे.

Yoga For Concentration: बच्चों की एकाग्रता बढ़ाने वाले 5 बेहतरीन योग | Watch Video

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Antiseizure Medications In Pregnancy, Epilepsy Treatment During Pregnancy, Safe Epilepsy Drugs For Pregnant Women, Antiseizure Drug Safety Research, Pregnancy And Seizure Medication
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com