Hip Exercises for Lower Back Pain: आज की लाइफस्टाइल में घंटों कुर्सी पर बैठना आम बात हो गई है. ऑफिस का काम हो, लैपटॉप पर फ्रीलांसिंग, मोबाइल पर स्क्रॉल करना या टीवी देखना हमारा ज़्यादातर समय बैठकर ही गुजरता है. लेकिन, शरीर का डिजाइन लंबे समय तक बैठे रहने के लिए नहीं बना है. इसका सबसे पहला और सबसे गहरा असर पड़ता है हमारे हिप्स (कूल्हों) पर. जब हम लगातार बैठे रहते हैं, तो हिप्स के आसपास की मसल्स टाइट और सुस्त हो जाती हैं. धीरे-धीरे चलने में अकड़न, उठते समय दर्द, कमर में जकड़न और घुटनों पर दबाव महसूस होने लगता है। कई लोग इसे उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि असली वजह होती है हिप मोबिलिटी की कमी.
हिप मोबिलिटी एक्सरसाइज़ का मतलब है, हिप जॉइंट को उसके पूरे नेचुरल मूवमेंट में एक्टिव रखना. अच्छी हिप मोबिलिटी न सिर्फ दर्द से बचाती है, बल्कि चलने, बैठने, झुकने और एक्सरसाइज करने की क्षमता को भी बेहतर बनाती है.
-
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
बदलती दुनिया, बदलते रिश्ते और वो मुद्दे जो दुनिया की तकदीर तय करते हैं... देखिए NDTV World Summit -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर चर्चा, एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
ये भी पढ़ें: सर्दियों में चेहरे का निखार रहेगा बरकरार, बस आजमाएं ये जादुई Oil, मुहांसे और रूखेपन की होगी छुट्टी
लंबे समय तक बैठने से हिप्स को क्या नुकसान होता है?
- हिप फ्लेक्सर मसल्स छोटी और टाइट हो जाती हैं.
- ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है.
- लोअर बैक पेन और साइटिका का खतरा बढ़ता है.
- गलत पोश्चर की आदत बन जाती है.
- चलने और दौड़ने की ताकत कम होने लगती है.
अच्छी बात यह है कि कुछ आसान हिप मोबिलिटी एक्सरसाइज से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.
1. हिप फ्लेक्सर स्ट्रेच
यह एक्सरसाइज़ उन लोगों के लिए सबसे ज़रूरी है जो 6-8 घंटे कुर्सी पर बैठते हैं. एक घुटने को ज़मीन पर रखें और दूसरा पैर आगे मोड़ें. अब हल्के से आगे की ओर झुकें. इससे हिप्स के आगे की मसल्स खुलती हैं. हिप्स की जकड़न कम होती है. लोअर बैक पर दबाव घटता है.

2. बटरफ्लाई स्ट्रेच
जमीन पर बैठकर पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं और घुटनों को नीचे की ओर दबाने की कोशिश करें. इनर थाई और हिप जॉइंट खुलते हैं. लंबे समय तक बैठने से आई अकड़न दूर होती है.
3. ग्लूट ब्रिज
पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें, पैर ज़मीन पर रखें और कमर को ऊपर उठाएं. इससे हिप्स और ग्लूट्स एक्टिव होते हैं. बैठने से कमजोर हुई मसल्स मजबूत होती हैं.
ये भी पढ़ें: मिनोक्सिडिल लगाने से मौत! जानें Minoxidil कैसे काम करता है, इसके फायदे और नुक्सान
4. 90-90 हिप एक्सरसाइज़
ज़मीन पर बैठकर दोनों पैरों को 90 डिग्री के एंगल पर मोड़ें और धीरे-धीरे साइड बदलें. हिप जॉइंट का पूरा मूवमेंट बेहतर होता है. चलने और बैठने में लचीलापन बढ़ता है.
5. डीप स्क्वाट होल्ड
पैरों को थोड़ा खोलकर बैठने की कोशिश करें और कुछ सेकंड उसी पोजिशन में रहें. इससे हिप्स, घुटने और टखने एक साथ मज़बूत होते हैं. बॉडी बैलेंस सुधरता है.

कितनी देर और कितनी बार करें?
- रोज 10–15 मिनट काफी हैं.
- ऑफिस से उठकर हर 1-2 घंटे में थोड़ा मूव करें.
- एक्सरसाइज़ करते समय दर्द नहीं, सिर्फ हल्का खिंचाव महसूस होना चाहिए.
अगर आप दिन का बड़ा हिस्सा बैठकर बिताते हैं, तो हिप मोबिलिटी एक्सरसाइज़ कोई ऑप्शन नहीं बल्कि जरूरत है. ये एक्सरसाइज़ आपके शरीर को फिर से एक्टिव बनाती हैं, दर्द से बचाती हैं और आने वाले समय में बड़ी समस्याओं को रोकने में मदद करती हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं