जब हम कहीं बाहर होते हैं और प्यास लगती है तो साफ पानी पीने के लिए हम सील बंद पानी की बोतल खरीदकर डायरेक्ट उसको पी लेते हैं. ये सोच कर कि ये तो पूरी तरह से सील है इसमें क्या ही खराब होगा. लेकिन तब क्या हो कि ये विश्वास आप पर भारी पड़ जाए. क्योंकि सील्ड बोतल से हर कोई ऐसी ही पानी पीता है. लेकिन हाल ही में हापुड़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां पर एक महिला ने सील्ड बोतल से पानी पिया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ गई.
जिसके बात पता चला कि पानी की बोतल में अंदर एसिड था. जिसकी वजह सी महिला की फूड पाइप बुरी तरह से झुलस गई. इस घटना के बाद एक बार फिर से लोग सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या पैक्ड औप सील बंद मिलने वाला सामान हमेशा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है? ऐसा जरूरी नहीं है. प्रोफेसर डॉ बी.पी.एस त्यागी ने एक अपने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की है जिसमें उन्होंने बताया कि किन गलतियों को करने से बचना चाहिए.
क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉ त्यागी ने बताया कि कोई भी पानी की बोतल से हमें पानी पीना है तो सबसे पहले इसको खोल के उसके पानी को या तो किसी बर्तन में गिराना है या फर्श पे गिराना है और तब पीना है.
उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई इस घटना में तेजाब कैसे ब्रांडेड बॉटल में मिला, ये जानकारी अभी तक उनके पास नहीं है. लेकिन ये जरूर है की अगर वो थोड़ा सा पानी इधर उधर डाल के उसको चेक कर लिया जाता तो ये कन्फर्म हो जाता की ये पानी है या ये तेजाब है.
इसके बाद दूसरी बात ये है की पानी और तेजाब का जो रंग है वो भी अलग अलग होता है. हमें उससे अंदाजा लग जाता है कि ये पानी है या तेजाब है और अगर खुली हुई बॉटल है, सील बंद बॉटल नहीं है. तो उसको तो चेक करना ही है किसी भी कंडीशन में. लेकिन अगर तेजाब एक बार मुँह के रास्ते फूड पाइप में गया तो आप मान के चलिए कि फूड पाइप आपका जाम हो जाएगा उसमें छेद बन जाएंगे और कई बार ये होता है कि फूड पाइप को ही बदलना पड़ता है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
अगर आपको कभी भी किसी बोतल में किसी तरह की गड़बड़ी दिखे तो उसे फेंकने की बजाय उसे संभालकर रखें और उससे जुड़ी कंपनी या फूड सेफ्टी विभाग को इसकी जानकारी दें.
एसिड पीने पर क्या होता है
एक्सपर्ट ने बताया कि अगर किसी ने गलती या एसिड जैसा कोई पदार्थ पी लिया है तो उसे उल्टी करने की कोशिश करनी चाहिए. ऐसा करने से फूड पाइप को दोबारा नुकसान पहुंच सकता है. इसके साथ ही ऐसी कंडीशन में तुरंत एक्सपर्ट के पास जाना चाहिए.
डॉ. बी पी त्यागी (MBBS, MS - ENT), हेड और नेक सर्जन, ENT/ओटोरिनोलैरिंगोलॉजिस्ट
कुल 37 साल का अनुभव (32 साल स्पेशलिस्ट के तौर पर)
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