Prateek Yadav Death Reason: प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. सामने आई पोस्टमॉर्टम और मेडिकल जानकारी के मुताबिक मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई जा रही है, लेकिन साथ ही शरीर पर चोटों के निशान और पैर के नाखूनों में नीले धब्बों जैसी बातें भी सामने आई हैं. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन सबका आपस में कोई संबंध हो सकता है क्या?
प्रतीक यादव की कार्डिएक अरेस्ट से मौत, क्या हो सकती है इसकी वजह
मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक कार्डिएक अरेस्ट का मतलब होता है कि दिल अचानक काम करना बंद कर देता है. यह हार्ट अटैक से अलग स्थिति होती है. कई बार शरीर में बनने वाले ब्लड क्लॉट यानी खून के थक्के भी इसकी वजह बन सकते हैं. अगर कोई क्लॉट नसों के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाए तो उसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है. यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है और कई मामलों में अचानक मौत की वजह बन सकती है.
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे क्लॉट अक्सर पैरों की नसों या पेल्विक एरिया की नसों में बनते हैं. अगर वहां किसी तरह की चोट लगी हो या अंदरूनी डैमेज हुआ हो तो क्लॉट बनने का खतरा बढ़ सकता है. यही वजह है कि शरीर पर मिले चोटों के निशानों को भी गंभीरता से देखा जा रहा है.
प्रतीक यादव के पैर के नाखूनों में नीला धब्बा, इसकी वजह क्या हो सकती है
रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि प्रतीक यादव के पैर के नाखूनों में नीले धब्बे दिखाई दिए. मेडिकल भाषा में इसे ऑक्सीजन की कमी से जोड़कर देखा जाता है. जब शरीर के किसी हिस्से तक सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तब त्वचा या नाखून नीले पड़ सकते हैं. कई बार फेफड़ों में ब्लॉकेज, ब्लड क्लॉट या हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्या में भी ऐसा देखने को मिलता है.
हालांकि, डॉक्टर यह भी कहते हैं कि केवल एक-दो लक्षण देखकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होता. चोटों के निशान कई वजहों से हो सकते हैं. कार्डिएक अरेस्ट आने के दौरान गिरने, टकराने या मेडिकल इमरजेंसी में CPR दिए जाने से भी शरीर पर निशान आ सकते हैं. इसलिए यह कहना कि चोट और मौत का सीधा संबंध है, बिना पूरी जांच के संभव नहीं है.
ये भी पढ़ें: Prateek Yadav Death: फेफड़ों की किस गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक यादव?
एक्सपर्ट ने बताया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या है
बता दें कि पद्म भूषण कार्डियोलॉजिस्ट Dr. T. S. KLER ने बताया कि प्रतीक यादव का निधन हो गया है और अगर मैं उस ऑटोप्सी रिपोर्ट को देखूं, जो मुझे किसी से मिली है, तो उसमें बताया गया है कि उनकी मौत मैसिव पल्मोनरी एम्बोलिज्म की वजह से हुई. पल्मोनरी एम्बोलिज्म का आमतौर पर मतलब होता है कि वेनस सिस्टम में कहीं कोई क्लॉट बना, जो फेफड़ों तक पहुंच गया. यह ऐसे मरीजों में अचानक मौत के जाने-माने कारणों में से एक है.
ये क्लॉट्स या तो पैरों की नसों में बनते हैं या फिर विसरल वेन्स, खासकर पेल्विक वेन्स में भी बन सकते हैं और वहां से ट्रैवल करते हुए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं.
अब ऑटोप्सी रिपोर्ट में एक अतिरिक्त बात यह भी कही गई है कि छाती पर चोट के निशान हैं. अब इन चोटों को लेकर भी किसी तरह की एक्सप्लेनेशन की जरूरत है कि आखिर इन चोटों की वजह क्या है. क्या पैरों में या पेल्विक एरिया में भी चोटें थीं, यह मुझे नहीं पता. लेकिन आमतौर पर अगर पैरों या पेल्विक वेन में चोट होती है, तो नसों में क्लॉट बन सकते हैं और फिर वही क्लॉट फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं