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मोटापे से कैंसर तक, मेडिकल साइंस की 5 नई खोजें जो बदल सकती हैं इलाज का तरीका

मोटापा, कैंसर और हार्ट डिजीज के इलाज में नई उम्मीद जगी है. रेटाट्रूटाइड दवा, KRAS रिसर्च, जीन एडिटिंग और AI जैसी तकनीकें हेल्थ सेक्टर में बड़े बदलाव ला रही हैं. जानिए इन लेटेस्ट मेडिकल ब्रेकथ्रू के बारे में.

मोटापे से कैंसर तक, मेडिकल साइंस की 5 नई खोजें जो बदल सकती हैं इलाज का तरीका
गंभीर बीमारियों के लेकर ये 5 नई खोज, मेडिकल ट्रीटमेंट में ला सकती है क्रांति

बीमारियों के इलाज को लेकर दुनिया भर में लगातार काम हो रहा है, लेकिन हाल के दिनों में सामने आई कुछ नई मेडिकल डेवलपमेंट्स ने साइंटिस्ट्स का ध्यान खींचा है. नए डेवलपमेंट में मोटापे के लिए नई दवा, कैंसर के खिलाफ नए अप्रोच, जीन एडिटिंग की मदद से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने की कोशिश और कैंसर डिटेक्शन में AI का बढ़ता इस्तेमाल शामिल है. अभी इनमें से कई तकनीकें और दवाएं डेवलपमेंट या टेस्टिंग स्टेज में हैं, लेकिन इन्हें मेडिकल साइंस के दिलचस्प कदमों के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह है कि ये सभी कोशिशें अलग-अलग बीमारियों से जुड़ी हैं, लेकिन मकसद एक ही है, बेहतर और ज्यादा असरदार ट्रीटमेंट.

नई रिसर्च से बढ़ी उम्मीद, गंभीर बीमारियों के इलाज में दिखी नई राह

नई रिसर्च से बढ़ी उम्मीद, गंभीर बीमारियों के इलाज में दिखी नई राह

रेटाट्रूटाइड (Retatrutide) क्या है और कैसे मोटापे को कंट्रोल करता है?

मोटापा आज दुनिया के कई देशों के लिए बड़ी हेल्थ चुनौती बना हुआ है. ऐसे में रेटाट्रूटाइड नाम की दवा चर्चा में है. यह ट्रिपल-हार्मोन एगोनिस्ट है और वजन कम करने में अच्छे नतीजे दिखा रही है. इसके साथ ही इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी असर भी देखा गया है. इसी वजह से मेडिकल कम्युनिटी इस पर खास नजर बनाए हुए है.

कैंसर रिसर्च में KRAS पर फोकस

कैंसर रिसर्च में KRAS जीन लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है. अब नई थेरेपी इसी जीन को टारगेट कर रही हैं. खासकर पैंक्रियाटिक कैंसर जैसे आक्रामक कैंसर में इसे अहम डेवलपमेंट माना जा रहा है. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इन अप्रोच से उन ट्यूमर्स के खिलाफ नई उम्मीद जगी है जिन्हें अब तक बेहद मुश्किल माना जाता रहा है.

क्या एक इंजेक्शन से कंट्रोल होगा कोलेस्ट्रॉल?

हाई LDL कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारियों का बड़ा रिस्क फैक्टर माना जाता है. इसी को देखते हुए रिसर्चर्स PCSK9 जीन को टारगेट करने वाली जीन एडिटिंग टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं. भले ही यह तकनीक अभी आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन शुरुआती कोशिशें यह समझने पर केंद्रित हैं कि क्या एक इंजेक्शन के जरिए लंबे समय तक कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखा जा सकता है.

कैंसर डिटेक्शन में AI का रोल

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब हेल्थकेयर का भी अहम हिस्सा बनता जा रहा है. रेडियोलॉजी में इस्तेमाल हो रहे नए AI सिस्टम मेडिकल स्कैन को तेजी से पढ़ने और संदिग्ध पैटर्न पहचानने में मदद कर रहे हैं. इन सिस्टम्स से शुरुआती कैंसर डिटेक्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है.

छिपे हुए कैंसर सेल्स तक पहुंचने की कोशिश

कई बार कैंसर सेल्स शरीर के इम्यून सिस्टम की नजर से बच जाते हैं. ERAP1 को टारगेट करने वाली नई दवा का मकसद इम्यून सिस्टम को ऐसे छिपे हुए कैंसर सेल्स पहचानने में मदद करना है.

फिलहाल इन सभी डेवलपमेंट्स पर रिसर्च जारी है और आने वाले समय में इनके बारे में और जानकारी सामने आ सकती है. हालांकि इतना जरूर है कि मोटापे, कैंसर और हार्ट हेल्थ जैसी बड़ी चुनौतियों के खिलाफ दुनिया भर की लैब्स में कई नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं.

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