इस साल का फादर्स डे और इंटरनेशनल योगा डे बेहद खास है. ज्यादातर फादर्स डे पर बच्चे अपने पिता को तोहफे देते हैं, लेकिन क्यों न इस बार कहानी को थोड़ा बदल दिया जाए? इस बार एक पिता होने के नाते, आप अपने बच्चों को दुनिया का सबसे कीमती तोहफा दे सकते हैं और वो तोहफा है अच्छी सेहत और योग की आदत.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, स्क्रीन टाइम का बढ़ना और फास्ट फूड बच्चों की सेहत को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है. ऐसे में हर पिता का यह फर्ज बनता है कि वे अपने बच्चों को एक ऐसा रास्ता दिखाएं, जिस पर चलकर वे जिंदगी भर फिट और एक्टिव रह सकें.
क्यों जरूरी है पिताओं का आगे आना?
अक्सर देखा जाता है कि घर में बच्चे अपनी मां के सबसे करीब होते हैं, लेकिन जब बात किसी आदत को अनुशासन (Discipline) के साथ अपनाने की आती है, तो बच्चे अपने पिता को फॉलो करते हैं. पिता बच्चों के पहले रोल मॉडल होते हैं.

बच्चे के साथ क्यों जरूरी है योग. (Image Shutterstock)
योगा डे पर लें ये 1 संकल्प-
इस योगा डे पर हर पिता को यह प्रण लेना चाहिए मैं खुद को फिट रखूंगा और रोज सुबह कम से कम 15 से 20 मिनट अपने बच्चों के साथ योग या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी जरूर करूंगा.
शुरुआत कैसे करें?
- अगर आपके बच्चे छोटे हैं, तो उन्हें सीधे कठिन योग आसन न सिखाएं. शुरुआत बिल्कुल आसान चीजों से करें-
- योग को सजा या टास्क न बनाएं. इसे एक गेम की तरह खेलें. जो सबसे अच्छा आसन करेगा, उसे कोई छोटा सा रिवॉर्ड दें.
- बच्चों को ताड़ासन वृक्षासन, और शवासन जैसी आसान चीजें सिखाएं.
- सुबह योग करते समय कोई हल्का और शांत म्यूजिक या मंत्र बैकग्राउंड में बजाएं, जिससे बच्चों का मन लगा रहे.
कौन से योग साथ में करें-
बटरफ्लाई पोज- (Butterfly Pose)
नीचे बैठें और अपने पैरों के तलवों को आपस में जोड़ें. अपने पैरों को पकड़ें और तितली के पंखों की तरह धीरे-धीरे अपने घुटनों को ऊपर-नीचे करें.
फायदे-
- लचीलापन बढ़ता है
- आराम मिलता है
- शरीर के प्रति जागरूकता बढ़ती है.
चाइल्ड्स पोज- (Child's Pose)
घुटनों के बल बैठें. अपनी एड़ियों पर पीछे की ओर बैठें और शरीर को आगे की तरफ फैलाएं.
अपने माथे को जमीन पर टिकाएं.
फायदे-
- आराम मिलता है
- बच्चों को शांत होने में मदद मिलती है
- हल्की स्ट्रेचिंग होती है.
योग करने के फायदे-
- आजकल स्कूल के प्रेशर और कॉम्पिटिशन की वजह से बच्चे भी स्ट्रेस का शिकार हो रहे हैं. योग करने से उनका दिमाग शांत रहता है.
- भ्रामरी प्राणायाम या अनुलोम-विलोम जैसी सांसों की कसरत करने से बच्चों की याददाश्त तेज होती है.
- रोज योग करने से बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जिससे वे बदलते मौसम में बार-बार बीमार नहीं पड़ते.
- मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों की पीठ और गर्दन में दर्द होने लगा है. ताड़ासन और भुजंगासन जैसे योग उनके पोस्चर को ठीक रखते हैं.
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