हर साल 21 जून को जब पूरा विश्व 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' मनाता है, तो दिल गर्व से चौड़ा हो जाता है. जब भी योग का नाम आता है, हमारे दिमाग में सबसे पहला चेहरा बाबा रामदेव का आता है. उन्होंने कपालभाति और अनुलोम-विलोम को घर-घर तक पहुंचाया है. हालांकि योग भारत की प्राचीन परंपरा और विद्या का हिस्सा है. बाबा रामदेव से पहले और आज भी कई ऐसे योग गुरु हैं, जिन्होंने इसे नई ऊंचाई दी और उनके अनुयायियों की संख्या भी करोड़ों में है. इनमें बड़े नाम सद्गुरु जग्गी वासुदेव, बीकेएस आयंगर, श्रीश्री रविशंकर, बाबा रामदेव, टी. कृष्णमाचार्य.
आइए जानते हैं भारत के उन 4 योग गुरुओं के बारे में.
1. बाबा रामदेव- (Baba Ramdev)
बाबा रामदेव का नाम हर घर में आज बच्चा-बच्चा जानता है. 21वीं सदी में योग को एक आम इंसान की रोजमर्रा की आदत बनाने का सबसे बड़ा क्रेडिट बाबा रामदेव को जाता है. सुबह-सुबह टीवी स्क्रीन पर आकर जिस आसान तरीके से वो योग सिखाते हैं, उसने लोगों का नजरिया बदल दिया. आज देश-विदेश में उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं.

2. सद्गुरु जग्गी वासुदेव- (Sadhguru Jaggi Vasudev)
ईशा फाउंडेशन के फाउंडर सद्गुरु जग्गी वासुदेव को आज की युवा पीढ़ी बहुत पसंद करती है. उनके बात करने का लॉजिकल और मॉडर्न तरीका लोगों को सीधा कनेक्ट करता है. सद्गुरु का 'इशा क्रिया' और 'शांभवी महामुद्रा' जैसी योग तकनीकें दुनियाभर में मशहूर हैं. आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े हॉलीवुड और बॉलीवुड स्टार्स भी उनके मुरीद हैं. इनके देश-विदेश में करोड़ों फॉलोअर्स और चाहने वाले हैं.
3. श्री श्री रविशंकर- (Sri Sri Ravi Shankar)
'आर्ट ऑफ लिविंग' (Art of Living) संस्था के जरिए दुनिया को शांति का संदेश देने वाले श्री श्री रविशंकर का नाम इस लिस्ट में बहुत बड़ा है. उन्होंने 'सुदर्शन क्रिया' नाम की एक बेहद खास सांस लेने की तकनीक दुनिया को दी. इस तकनीक ने करोड़ों लोगों को डिप्रेशन, तनाव और एंग्जायटी से बाहर निकाला है. उनका योग और मेडिटेशन सिखाने का अंदाज बेहद सरल और सौम्य है, जो सीधे दिल को छू जाता है.
4. बी.के.एस. आयंगर- (B.K.S. Iyengar)
भले ही बी.के.एस. आयंगर आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने योग को जो ऊंचाई दी, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्हें 'आयंगर योग' (Iyengar Yoga) का जनक माना जाता है. उन्होंने योग को इतना आसान बनाया कि बुजुर्ग या बीमार लोग भी बेल्ट, रस्सी और लकड़ी के टुकड़ों की मदद से कठिन से कठिन आसन आसानी से कर लेते थे. विदेशों में योग को पॉपुलर करने में उनका बहुत बड़ा हाथ है.
5. तिरुमलाई कृष्णमाचार्य- (Tirumalai Krishnamacharya)
आधुनिक योग का पिता' (Father of Modern Yoga) कहे जाने वाले बी.के.एस. आयंगर गुरु भी इन्हीं के शिष्य थे. कृष्णमाचार्य जी ने ही प्राचीन योग को आज के समय के हिसाब से ढाला. उन्होंने आयुर्वेद और योग को मिलाकर लोगों का इलाज किया. आज हम दुनिया में योग का जो भी रूप देख रहे हैं, उसकी नींव कहीं न कहीं कृष्णमाचार्य जी ने ही रखी थी.
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