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This Article is From Sep 16, 2024

मोबाइल, टैबलेट के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से हो रहे हैं छोटे बच्चे गुस्सेल और चिड़चिड़े : स्टडी

हाल ही में हुए एक अध्ययन ने चिंता जताई है कि बहुत ज्यदा स्क्रीन टाइम बच्चों में गुस्से और चिड़चिड़ाहट को बढ़ा सकता है, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

मोबाइल, टैबलेट के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से हो रहे हैं छोटे बच्चे गुस्सेल और चिड़चिड़े : स्टडी
आज की डिजिटल दुनिया में छोटे बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है.

आजकल छोटे बच्चे भी बहुत ज्यादा चिड़चिड़े हो रहे हैं. क्या आपके बच्चे भी खाने पीने, सोने या बाकी चीजों के लिए नखरे करते हैं या उनको बहुत ज्यादा गुस्सा आता है? तो इसका एक कारण बहुत ज्यादा स्क्रीन का इस्तेमाल भी हो सकता है. आज की डिजिटल दुनिया में छोटे बच्चों का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है. चाहे वह स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर या टीवी हो, तकनीक हमारे जीवन का एक जरूरी हिस्सा बन चुकी है. हालांकि, हाल ही में हुए एक अध्ययन ने चिंता जताई है कि बहुत ज्यदा स्क्रीन टाइम बच्चों में गुस्से और चिड़चिड़ाहट को बढ़ा सकता है, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

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बच्चों की भावनात्मक ग्रोथ को रोकता है बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम:  

अगली बार जब आपके बच्चे नखरे करें, तो उन्हें दोष न दें, बल्कि उन्हें मोबाइल फोन या आईपैड देने के लिए खुद को दोषी ठहराएं. एक हालिया अध्ययन से पता चलता है कि कार्टून और अन्य कंटेंट देखने के लिए मोबाइल फोन और टैबलेट का उपयोग रोजमर्रा की स्थितियों जैसे कि जागना, बिस्तर पर जाना या भोजन करने से इनकार करना, से पैदा होने वाले भावनात्मक विस्फोटों में योगदान करने वाला कारक हो सकता है. हाल ही में JAMA Pediatrics पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन ने छोटे बच्चों के फोन/टैबलेट के उपयोग और उनके भावनात्मक विकास के बीच संभावित संबंधों का खुलासा किया है.

छोटे बच्चों में हेल्दी इमोशनल रेगुलेशन स्किल में बाधा:

शोध से पता चलता है कि जो बच्चे 3.5 साल की उम्र में अक्सर ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल करते थे, उनमें 4.5 साल की उम्र तक गुस्सा और हताशा बढ़ने की संभावना ज्यादा थी. अध्ययन में यह भी पता चला है कि जो बच्चे 4.5 साल की उम्र में गुस्सा और हताशा दिखाते थे, उनके 5.5 साल की उम्र तक इन उपकरणों का इस्तेमाल करने की संभावना ज्यादा थी. ये निष्कर्ष बताते हैं कि कम उम्र में टैबलेट का सेवन एक हानिकारक चक्र में योगदान दे सकता है जो छोटे बच्चों में हेल्दी इमोशनल रेगुलेशन स्किल में बाधा डालता है.

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कनाडा के नोवा स्कोटिया में 315 माता-पिता के सर्वेक्षण में 3.5 (2020 में), 4.5 (2021 में) और 5.5 साल (2022) की उम्र के बच्चों के समान ग्रुप को फॉलो किया. माता-पिता ने अपने बच्चों के टैबलेट के उपयोग की स्वयं रिपोर्ट की और बच्चों के व्यवहार प्रश्नावली का उपयोग करके उनके गुस्से की मेनिफेस्टेशन का आकलन किया.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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अवधेश पैन्यूली
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