- LG ने राजधानी के लगभग 2.70 निर्माण श्रमिकों के लिए नई कैशलेस स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दी है.
- इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक को 2 लाख और पूरे परिवार को सालाना दस लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा.
- योजना में मुफ्त हेल्थ चेकअप, कैशलेस ओपीडी, जांच, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
दिल्ली के एलजी ने राजधानी के करीब 2.7 लाख निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक नई कैशलेस स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत हर पंजीकृत श्रमिक को 2 लाख रुपये तक और उसके पूरे परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलेगा. अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना को नवंबर तक लागू किए जाने की उम्मीद है.
इस योजना में श्रमिक और उनके पात्र जीवनसाथी का हर साल मुफ्त हेल्थ चेकअप कराया जाएगा. साथ ही डॉक्टर की सलाह, जांच, दवाइयां और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज जैसी सुविधाएं भी कैशलेस मिलेंगी. इलाज सरकार द्वारा तय दरों पर सूचीबद्ध अस्पतालों में होगा. योजना में इमरजेंसी इलाज, काम से जुड़ी बीमारियां, पुरानी बीमारियों का इलाज, मातृत्व देखभाल जैसी सेवाएं भी शामिल हैं.
क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?
पंजीकृत श्रमिक और उनके पात्र जीवनसाथी का हर साल फ्री हेल्थ चेकअप होगा.
- कैशलेस ओपीडी, डॉक्टर परामर्श, जांच, दवाएं और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज की सुविधा मिलेगी.
- सूचीबद्ध (एम्पैनल्ड) अस्पतालों में CGHS दरों पर इलाज कराया जा सकेगा.
- योजना में इमरजेंसी इलाज, काम से जुड़ी बीमारियां, पुरानी बीमारियां, मातृत्व देखभाल, विशेष उपचार और पुनर्वास सेवाएं भी शामिल होंगी.
- मोबाइल मेडिकल यूनिट्स करेंगी मदद
इमरजेंसी में किसी भी अस्पताल में होगा इलाज
अगर किसी श्रमिक को काम के दौरान दुर्घटना हो जाती है या अचानक मेडिकल इमरजेंसी आती है, तो वह नजदीकी अस्पताल में इलाज करा सकता है, भले ही वह अस्पताल पैनल में शामिल न हो. ऐसी स्थिति में उस अस्पताल को अस्थायी रूप से मान्यता प्राप्त माना जाएगा. श्रमिकों की मदद के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स भी तैनात की जाएंगी. ये यूनिट्स स्वास्थ्य जांच करेंगी, अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करेंगी और योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगी.
योजना के संचालन के लिए एक डिजिटल सिस्टम बनाया जाएगा, जिसमें लाभार्थियों का रिकॉर्ड, इलाज का विवरण और क्लेम की जानकारी सुरक्षित रहेगी. योजना को लागू करने के लिए एक विशेष एजेंसी नियुक्त की जाएगी, जो शुरुआत में 3 साल तक काम करेगी. अच्छा प्रदर्शन होने पर इसका कार्यकाल 1 साल और बढ़ाया जा सकेगा.
योजना की निगरानी बिल्डिंग वर्कर्स हेल्थ कमेटी करेगी, जिसमें श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (DBOCWW) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. इस योजना को पहले दिल्ली सरकार और कैबिनेट की मंजूरी मिली थी, जिसके बाद अब उपराज्यपाल ने भी इसे हरी झंडी दे दी है.
क्या है DBOCWW बोर्ड?
योजना की निगरानी बिल्डिंग वर्कर्स हेल्थ कमेटी करेगी. इस कमेटी में श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (DBOCWW) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. साल 2002 में गठित दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (DBOCWW) निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण करता है और निर्माण कंपनियों से वसूले गए सेस (Cess) से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाता है. वर्तमान में बोर्ड के साथ 2.7 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक सक्रिय सदस्य के रूप में पंजीकृत हैं.
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