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This Article is From Nov 06, 2024

कैंसर के लिए चमत्कारी दवा 'कीट्रूडा' बनाने में कामयाब हो पाएंगा भारत? अमेरिका में इस दवा से 40 कैंसर के इलाज के लिए मंजूरी

इस दवा को कई प्रकार के कैंसर, जैसे मेलानोमा (त्वचा का कैंसर), लंग कैंसर, हेड और नेक कैंसर, ब्लैडर कैंसर और कई अन्य में प्रभावी माना गया है.

कैंसर के लिए चमत्कारी दवा 'कीट्रूडा' बनाने में कामयाब हो पाएंगा भारत? अमेरिका में इस दवा से 40 कैंसर के इलाज के लिए मंजूरी
इस दवा को मेलानोमा, लंग कैंसर, हेड और नेक कैंसर, ब्लैडर कैंसर और कई अन्य में प्रभावी माना गया है.

कीट्रूडा, जिसे मेडिकल भाषा में "पेम्ब्रोलिज़ुमैब" भी कहा जाता है. ये कैंसर के इलाज में एक बड़ी गेम-चेंजर औषधि साबित हो रही है. यह एक प्रकार की इम्यूनोथेरेपी है, जो कैंसर के खिलाफ शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक है. पारंपरिक कैंसर उपचारों की बजाय कीट्रूडा एक ऐसे तंत्र पर काम करता है जो सीधे तौर पर कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें नष्ट करने में सक्षम बनाता है. इसे कई प्रकार के कैंसर, जैसे मेलानोमा (त्वचा का कैंसर), लंग कैंसर, हेड और नेक कैंसर, ब्लैडर कैंसर और कई अन्य में प्रभावी माना गया है.

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कुछ सालों में समाप्त होने वाला है इस दवा का पेटेंट?

इस मर्क की दवा की कीमत प्रति खुराक 2 लाख रुपये से ज्यादा है. चूंकि इसका पेटेंट कुछ सालों में समाप्त होने वाला है, इसलिए भारतीय दवा निर्माता इसके किपायती वर्जन बनाने की होड़ में हैं. 25 बिलियन या 2.1 लाख करोड़ कीट्रूडा नामक एक दवा की दुनिया भर में बिक्री का आंकड़ा है (इसका जेनेरिक नाम पेम्ब्रोलिज़ुमैब है). कीट्रूडा, जिसका इस्तेमाल कई तरह के कैंसर के इलाज में किया जाता है, मेडिकल रिसर्च के इतिहास में सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर है. एक नजरिए से 25 बिलियन डॉलर पूरे भारतीय दवा बाजार का आकार है. यह भारत की सबसे बड़ी दवा निर्माता कंपनी सन फार्मा की बिक्री का लगभग पांच गुना है.

कीट्रूडा कैसे काम करता है?

कीट्रूडा एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है, जो टी-कोशिकाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाने का काम करता है. कैंसर कोशिकाएं अक्सर PD-1 (प्रोग्राम्ड डेथ-1) नामक प्रोटीन का उपयोग करती हैं, जिससे हमारा इम्यून सिस्टम इन कैंसर कोशिकाओं को पहचानने में असमर्थ होती है. कीट्रूडा PD-1 प्रोटीन को ब्लॉक कर देता है, जिससे टी-कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें नष्ट कर पाती हैं. इस अनोखे तंत्र के कारण कीट्रूडा को पारंपरिक कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित विकल्प माना जाता है.

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कीट्रूडा को अमेरिका में 40 कैंसर के इलाज के लिए मंजूरी: 

कुछ संकेतों या मेडिकल कंडिशन का इलाज करने वाली ज्यादातर दवाओं के विपरीत कीट्रूडा को अमेरिका में 40 कैंसर के इलाज के लिए मंज़ूरी मिली है. भारत में इसे 10 कैंसर या ट्यूमर प्रकारों में 17 संकेतों में इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली है. कैंसर विशेषज्ञ इसे मुख्यतः कुछ प्रकार के फेफड़ों के कैंसर के इलाज के लिए देते हैं, इसके बाद गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर, ट्रिपल-नेगेटिव स्तन कैंसर तथा सिर और गर्दन के कैंसर के इलाज के लिए देते हैं.

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