कई गाने ऐसे होते हैं जो सालों बाद भी पुराने नहीं लगते. बस बजते ही लोग मुस्कुरा देते हैं और साथ में गुनगुनाने लगते हैं. 59 साल पहले आया एक ऐसा ही गाना आज भी प्रेमी-प्रेमिका के बीच खूब पसंद किया जाता है. मजेदार बात ये है कि ज्यादातर लोग इसे सिर्फ लता मंगेशकर का गाना मानते हैं, लेकिन इसकी शुरुआत में मोहम्मद रफी की आवाज भी सुनाई देती है. हैरानी की बात ये है कि उन्हें इस गाने का क्रेडिट ही नहीं मिला. आखिर ऐसा क्यों हुआ, इसकी वजह भी काफी दिलचस्प है.
1967 में रिलीज हुआ था ये सुपरहिट गाना
जिस गाने की बात हो रही है, वो फिल्म शागिर्द का मशहूर गाना दिल विल प्यार व्यार है. ये फिल्म 1967 में रिलीज हुई थी, जिसमें जॉय मुखर्जी और सायरा बानो नजर आए थे. इस गाने के बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे और इसका संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने दिया था. गाने का हल्का-फुल्का और चुलबुला अंदाज लोगों को इतना पसंद आया कि आज भी ये रोमांटिक गानों की लिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है.
आज भी सुनते ही चेहरे पर आ जाती है मुस्कान
इस गाने को फिल्म में जॉय मुखर्जी और सायरा बानो पर फिल्माया गया था. गाने में जॉय अपने दिल की बात कहने की कोशिश करते हैं, जबकि सायरा उन्हें जानकर भी अनजान बनने वाले अंदाज में छेड़ती नजर आती हैं. यही प्यारी नोकझोंक इस गाने को खास बनाती है. शायद यही वजह है कि इतने साल बाद भी लोग इसे सुनते ही पुराने दौर की यादों में खो जाते हैं.
रफी ने गाया था, फिर भी क्यों नहीं मिला क्रेडिट
इस गाने को लोग लता मंगेशकर के नाम से ज्यादा जानते हैं, लेकिन इसकी शुरुआत में मोहम्मद रफी की आवाज भी है. उस समय गानों का क्रेडिट देने का तरीका आज जैसा नहीं था. अगर कोई गायक सिर्फ शुरुआत का छोटा हिस्सा या इंट्रो गाता था, तो कई बार उसका नाम रिकॉर्ड पर नहीं लिखा जाता था. इसी वजह से मोहम्मद रफी की आवाज इस गाने में होने के बावजूद उन्हें इसका क्रेडिट नहीं मिला. आज के समय में ऐसा शायद ही देखने को मिले, लेकिन उस दौर में ये आम बात मानी जाती थी.
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