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दिल में छेद होने के कारण डांस करते-करते बेहोश हो जाती थीं एक्ट्रेस उपासना, जानिए बच्चों में दिल के छेद के लक्षण, बचाव और उपाय

महज 7 साल की उम्र में हुआ था एक्ट्रेस उपासना का हार्ट ऑपरेशन, पैरेंट्स जरूर जानें बच्चों के दिल से जुड़े ये जरूरी फैक्ट्स.

दिल में छेद होने के कारण डांस करते-करते बेहोश हो जाती थीं एक्ट्रेस उपासना, जानिए बच्चों में दिल के छेद के लक्षण, बचाव और उपाय
बच्चों में दिल के छेद के लक्षण और उपाय.
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हम किसी फिल्म या टीवी शो में स्टार को पूरी एनर्जी के साथ परफॉर्म करते देखते हैं, तो हमें लगता है कि उनकी लाइफ कितनी परफेक्ट है. लेकिन हमेशा मुस्कुराने वाले इन स्टार की जिंदगी में भी सेहत से जुड़े कई उतार-चढ़ाव आते हैं. हाल ही में मशहूर एक्ट्रेस उपासना (Upasana) ने अपने बचपन की एक ऐसी गंभीर बीमारी का खुलासा किया, जिसने सबको हैरान कर दिया. एक इंटरव्यू में ​उपासना ने बताया कि उन्हें बचपन से ही डांस का बहुत शौक था, लेकिन डांस करते-करते वो अक्सर बेहोश हो जाया करती थीं. जब उन्हें 7-8 साल की उम्र में अस्पताल ले जाया गया, तो पता चला कि उनके दिल में छेद (Hole in Heart) है. डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि अगर 4 महीने के अंदर ऑपरेशन नहीं हुआ, तो उनकी जान को खतरा हो सकता है. सही समय पर उनका ऑपरेशन हुआ और आज वो पिछले 20 सालों से पूरी तरह स्वस्थ होकर दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं.

​दिल में छेद क्या होता है?

मेडिकल भाषा में ​इसे कंजनाइटल हार्ट डिफेक्ट (Congenital Heart Defect) कहा जाता है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चा दिल की बनावट में गड़बड़ी या दिल में छेद के साथ ही पैदा होता है. इसकी वजह से दिल के अंदर साफ और गंदा खून आपस में मिल जाता है, जिससे शरीर को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. 

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एक्ट्रेस को थी बचपन में में ये बीमारी. (Image NDTV)  

​​दिल में छेद होने के लक्षण- 

  1. ​उपासना के मामले में पहला लक्षण डांस करते समय बेहोश होना था. बच्चों में इसके कुछ और भी बड़े लक्षण दिखते हैं, जिन्हें पैरेंट्स को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए-
  2. ​खेलते, दौड़ते या डांस करते समय अचानक चक्कर खाकर गिर जाना.
  3. थोड़ा सा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या भारी काम करने पर बच्चे की सांस बहुत तेज चलने लगना.
  4. शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चे के होंठ, जीभ या नाखूनों का रंग हल्का नीला दिखने लगता है.
  5. बच्चा दूसरे बच्चों की तरह एक्टिव नहीं रह पाता और बहुत जल्दी सुस्त हो जाता है.
  6. अच्छी डाइट देने के बाद भी बच्चे की ग्रोथ रुक जाती है और उसका वजन नहीं बढ़ता.
  7. बच्चे को बहुत जल्दी-जल्दी सर्दी, खांसी या निमोनिया जैसी बीमारियां होना.

​इसके बचाव के तरीके- ​

  • डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भावस्था के दौरान कोई भी पेनकिलर या भारी दवा न लें.
  • गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान, शराब या किसी भी तरह के नशे से सख्त परहेज करें.
  • अगर होने वाली मां को शुगर है, तो उसे प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लड शुगर लेवल को बिल्कुल कंट्रोल में रखना चाहिए.
  • डॉक्टर की सलाह पर समय से फॉलिक एसिड और जरूरी विटामिंस का सेवन करें.

​दिल में छेद का क्या है ​इलाज और उपाय- 

  1. सबसे पहले डॉक्टर इको टेस्ट (ECHO) के जरिए छेद के साइज और उसकी जगह का पता लगाते हैं.
  2. अगर दिल का छेद बहुत छोटा है, तो कई बार वह उम्र बढ़ने के साथ अपने आप भर जाता है. ऐसे मामलों में डॉक्टर दिल के काम को आसान बनाने के लिए कुछ दवाइयां देते हैं.
  3. अगर छेद का साइज बड़ा है तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं. आजकल ओपन हार्ट सर्जरी के अलावा बिना चीर-फाड़ के कैथेटर प्रोसीजर (डिवाइस क्लोजर) के जरिए भी छेद को आसानी से बंद कर दिया जाता है.
  4. ऑपरेशन के बाद बच्चे पूरी तरह नॉर्मल लाइफ जी सकते हैं. बस उन्हें समय पर हेल्दी डाइट देना और डॉक्टर के संपर्क में रहना जरूरी होता है.

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