- हिमाचल में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से ऊंचे इलाकों में बर्फ और मैदानी क्षेत्रों में बारिश व ओलावृष्टि हुई
- जिला कांगड़ा की धौलाधार पहाड़ियों और लाहौल-स्पीति की चोटियों पर लगातार बर्फबारी का दौर जारी है
- रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा और कुंजम दर्रों में बर्फ गिरने से ठंड में वृद्धि हुई और आवाजाही प्रभावित हुई है
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है. सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के ऊंचे इलाकों में जहां बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दी है. इस बदलाव से पूरे प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और कड़ाके की ठंड एक बार फिर लौट आई है.
ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर
जिला कांगड़ा की प्रसिद्ध धौलाधार की पहाड़ियों ने एक बार फिर बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है. इसके अलावा, लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर भी रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है. ताजा बर्फबारी का असर प्रमुख दर्रों पर भी देखने को मिला है. रोहतांग दर्रा में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई. अटल टनल पर बर्फबारी के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. शिंकुला, बारालाचा और कुंजम दर्रा में भी बर्फ के फाहे गिरने से ठंड बढ़ गई है.

मैदानी इलाकों का हाल: ओलावृष्टि और बारिश
सिर्फ पहाड़ ही नहीं, बल्कि निचले और मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है. जिला मंडी सहित कई हिस्सों में ओलावृष्टि हुई है. हालांकि, लंबे समय से चल रहे सूखे जैसे हालात के बीच यह बारिश किसानों के लिए राहत की खबर बनकर आई है.

मौसम विभाग की चेतावनी: 21 मार्च तक 'येलो अलर्ट'
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आगामी 21 मार्च तक प्रदेश में मौसम खराब रहने के आसार हैं. 16 मार्च को तेज हवाओं, बारिश और बिजली कड़कने का येलो अलर्ट है. 17 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है. 18-19 मार्च को आंधी और बिजली कड़कने के साथ ओलावृष्टि के आसार हैं.
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