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This Article is From Nov 17, 2021

गुरुग्राम : खुले में नमाज़ को लेकर विवाद, सिखों ने गुरुद्वारे, हिन्दुओं ने खोले घर

पिछले कई हफ़्तों से शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के लिए जगह तलाशते घूम रहे मुफ़्ती सलीम अब संतुष्ट हैं. उनका कहना है इस बार उन्हें जुमें की नमाज़ की कोई चिंता नहीं है क्योंकि तमाम हिंदू और सिख उन्हें जगह देने को तैयार है.

शेरदिल सिद्धू कहते हैं, मुस्लिम भाई गुरुद्वारे में आकर नमाज़ पढ़ सकते हैं
गुरुग्राम:

Haryana: हरियाणा के गुरुग्राम में शुक्रवार (Gurugram) को खुले में होने वाली नमाज़ को लेकर हर शुक्रवार हिंदू संगठन विरोध करते हैं. ये कभी धार्मिक नारे लगाते हैं तो कभी नमाज पढ़ने की जगह पर गोबर के उपले डाल देते हैं. इसे देखते हुए गुरुग्राम के तमाम हिंदू, जुमे की नमाज़ के लिए अपनी जगह दे रहे है वहीं सिख कह रहे हैं कि गुरुद्वारे में आकर मुस्लिम नमाज़ पढ़ें. गुरुग्राम गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख शेरदिल सिद्धू ने मुफ़्ती सलीम को गुरुग्राम सदर बाज़ार का गुरुद्वारा दिखाया.  इस शुक्रवार को इस गुरुद्वारे में गुरुवाणी के साथ में अज़ान भी होगी और जुमे की नमाज़ पढ़ी जाए. सिद्धू का कहना है कि इस बार शुक्रवार को अगर खुले में नमाज़ को लेकर मुसलमानों का हिंदू संगठन विरोध करें तो मुस्लिम भाई गुरुद्वारे में आकर नमाज़ पढ़ें.

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शेरदिल सिद्धू कहते हैं, 'हम तो देश को बचा रहे हैं. गुरुद्वारा सबके लिए खुला है. गुरुनानक के साथ भी एक मुसलमान भाई रहते थे. मुसलमान भाइयों ने भी देश के लिए अपनी जान दी है.' गुरुग्राम के सेक्‍टर 12 के अक्षय यादव ने अपनी 100 गज की दुकान, मुस्लिम समुदायको जुमे की नमाज पढ़ने के लिए दी है. अक्षय कहते हैं कि किसी भी हाल में गुरुग्राम को टूटने नहीं देंगे. मुसलमान चाहें तो उनके घर के आंगन में भी आकर नमाज़ पढ़ सकते हैं. अक्षय ने कहा, 'मैं 40 साल से गुड़गांव में हूं.यहीं पैदा हुआ, मैं इसे टूटने नहीं दूंगा. मेरे जैसे बहुत लोग हैं जो नमाज़ के लिए अपनी जगह देने को तैयार हैं.'

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पिछले कई हफ़्तों से शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के लिए जगह तलाशते घूम रहे मुफ़्ती सलीम अब संतुष्ट हैं. उनका कहना है इस बार उन्हें जुमें की नमाज़ की कोई चिंता नहीं है क्योंकि तमाम हिंदू और सिख उन्हें जगह देने को तैयार है. गुरुग्राम के मुफ़्ती सलीम कहते हैं, 'मैं बहुत ख़ुश हूं कि सिद्धू साहब जैसे लोग सामने आए हैं. बस चंद लोग हैं जो माहौल ख़राब करना चाहते हैं.'  बता दें कि पिछले कई शुक्रवार से नमाज़ से ठीक पहले नमाज़ की जगह पर कुछ हिंदू संगठन या तो पूजा अर्चना करने लगते हैं या धार्मिक नारे लगाकर शोर मचाते हैं. दो साल गुरुग्राम प्रशासन ने हिंदू और मुस्लिम संगठनों को बैठाकर नमाज़ पढ़ने के लिए 37 जगह तय की थीं, जिसे बाद में हिंदू संगठनों के दबाव में घटाकर 20 कर दिया गया है. हरियाणा प्रशासन सारे अधिकार होने के बावजूद भी हिंदू संगठनों को रोक नहीं पा रहा था. यही वजह है गुरुग्राम के सिख और हिंदू आगे आकर प्रशासन को कड़ा संदेश दे रहे हैं कि जो प्रशासन नहीं कर पा रहा वो देश बचाने का काम आम लोग कर रहे हैं. 

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सौरभ शुक्ला
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