फीफा विश्वकप: फीफा वर्ल्डकप 2018 के सेमीफाइनल मुकाबले मंगलवार से शुरू होंगे. सितारों से सजी बेल्जियम की टीम फीफा वर्ल्डकप 2018 में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए मंगलवार को सेंट पीटर्सबर्ग स्टेडियम में फ्रांस के खिलाफ जीत दर्ज करके पहली बार फाइनल में पहुंचना चाहेगी. बेल्जियम 32 साल के लंबे इंतजार के बाद सेमीफाइनल में पहुंचा है लेकिन फ्रांस जैसी मजबूत टीम को हराना उसके लिए कड़ी चुनौती होगी. 1998 में पहली बार वर्ल्डकप जीतने वाले फ्रांस को शुरुआत से ही खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है. फ्रांस के खिलाफ बेल्जियम की उम्मीदें अपने स्टार प्लेयर रोमेलू लुकाकू पर टिकी होंगी जो कि टूर्नामेंट में अब तक चार गोल दाग चुके हैं. टीम के कप्तान हेजार्ड का प्रदर्शन भी अब तक शानदार रहा है.
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टूर्नामेंट में अब तक के बेल्जियम के सफर पर नजर डालें तो इस टीम ने अब तक दमदार प्रदर्शन किया है और सभी मैचों में जीत दर्ज की है. ईडन हेजार्ड की कप्तानी में टीम ने प्रतियोगिता का शानदार आगाज करते हुए पहले मुकाबले में पनामा को 3-0 से शिकस्त दी थी. अगले दो मैचों में भी बेल्जियम को कोई खास परेशानी नहीं हुई और ट्यूनीशिया को 5-2 एवं इंग्लैंड को 1-0 से हराकर टीम ने नॉकआउट दौर में प्रवेश किया था. प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बेल्जियम को जापान ने कड़ी टक्कर दी और एक समय एशियाई देश ने 2-0 की बढ़त बना ली. हालांकि, बेल्जियम ने हार नहीं मानी और मैच में शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत दर्ज की. क्वार्टर फाइनल में उसका सामना पांच बार की विजेता ब्राजील से हुआ. ब्राजील के खिलाफ शुरू से ही बेल्जियम ने आक्रामक खेल दिखाया और मैच को 2-1 से अपने नाम किया.
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— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) July 8, 2018
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स्टार खिलाड़ी लुकाकू के अलावा ईडन हेजार्ड और केविन डे ब्रूने ने भी अपने दमदार प्रदर्शन से फारवर्ड लाइन के मजबूती प्रदान की है. टीम का डिफेंस भी इस दौरान बेहतरीन रहा और गोलकीपर तिबाउट कोर्टुआ ने अहम मौकों पर शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की जीत में अहम योगदान दिया है. दूसरी ओर, फ्रांस की टीम 1998 के बाद पहली बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी. जर्मनी में 2006 में हुए वर्ल्डकप में फ्रांस फाइनल तक पहुंचा था लेकिन इटली से पेनल्टी शूटआउट में हार के बाद उसे खिताब से महरूम रहना पड़ा था. फ्रांस पांच जीत और एक ड्रॉ के साथ टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचा है.
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इस टीम की शुरुआत धीमी रही थी, उसने अपने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 जबकि दूसरे मैच में पेरू को 1-0 से हराया था. अंतिम ग्रुप मैच में फ्रांस को डेनमार्क से गोल रहित ड्रॉ खेलना पड़ा था. नॉकआउट स्तर में फ्रांस ने आक्रमक खेल दिखाते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेटीना पर 4-3 और क्वार्टर फाइनल में उरुग्वे पर 2-0 से आसान जीत दर्ज की. फ्रांस के लिए जीत में हर खिलाड़ी ने बराबर योगदान दिया है. 19 वर्षीय फारवर्ड कीलियन बापे और एंटोनी ग्रीजमैन ने अब तक टूर्नामेंट में तीन गोल दागे हैं, ऐसे में बेल्जियम के डिफेंस को उनके खिलाफ खास रणनीति बनानी होगी. फारवर्ड खिलाड़ियों के अलावा पॉल पोग्बा और एंगोलो कान्ते जैसे शीर्त स्तरीय मिडफील्डर किसी भी विरोधी टीम के लिए मुश्किल का सबब बन सकते हैं. डिफेंस का दारोमदार सैमुअल उमतीती और राफेल वरान के कंधों पर होगा. कोच दिदिएर देसचाम्पस ने 1998 में एक कप्तान के रूप में वर्ल्डकप जीता था और इस बार वह एक कोच के रूप में फ्रांस के साथ खिताब पर कब्जा करना चाहेंगे. (इनपुट: एजेंसी)
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