Argentina vs Egypt, FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. हालांकि, इस मुकाबले के बाद जीत से ज्यादा चर्चा रेफरी के कुछ फैसलों की होने लगी. VAR ((वीडियो असिस्टेंट रेफरी) से मिस्र का एक गोल रद्द होने और पेनल्टी नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मैच अधिकारियों की आलोचना की. मिस्र के हेड कोच होसाम हसन और टीम के फॉरवर्ड मोस्तफा ज़िको ने भी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर के फैसलों पर नाराजगी जताई. इसके बाद इंटरनेट पर इस मैच को लेकर बहस तेज हो गई.
पहले हाफ में भी उठा एक फैसले पर सवाल
मुकाबले के पहले हाफ में एक घटना ने भी लोगों का ध्यान खींचा. रीप्ले में ऐसा दिखाई दिया कि अर्जेंटीना के राइट-बैक नहुएल मोलिना ने मिस्र के विंगर इमाम अशौर को रोकने के दौरान हाथ का इस्तेमाल किया. इसके बावजूद रेफरी ने कोई कार्रवाई नहीं की.
VAR only focus was to check Egypt player simply touching Agentinian players, not the other way around. #FIFA #VAR pic.twitter.com/UiqKEoTWLa
— Survivor (@Wasim_wazir) July 7, 2026
मोहम्मद सलाह को नहीं मिली पेनल्टी
दूसरे हाफ में मिस्र को एक और फैसले से निराशा हुई. अर्जेंटीना के पेनल्टी बॉक्स में निकोलस टैग्लियाफिको के चैलेंज के बाद मोहम्मद सलाह गिर पड़े. रीप्ले में ऐसा लगा कि टैग्लियाफिको का पैर सलाह के पैर के अंगूठे से टकराया, जिससे उनका गेंद पर नियंत्रण छूट गया. इसके बावजूद मिस्र को पेनल्टी नहीं मिली.
- no foul (penalty actually)
— ~*bia wheat*~ ˢᶜᶜᵖ 🇧🇷 (@biatrigo) July 7, 2026
- no var
- goal validaded
that's not just an outrageous, it's cheating in broad day light! they don't even try to disguise. just like cape verde, EGYPT WAS ROBBED#ARGxEGY pic.twitter.com/KfPNrjEmTq
इन दोनों घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर फैंस, पूर्व खिलाड़ी, पत्रकार और फुटबॉल से जुड़े कई लोगों ने रेफरी के फैसलों पर सवाल उठाए. कई लोगों का मानना था कि ऐसे फैसले अर्जेंटीना के पक्ष में गए.
Right now, most of the opinions are driven by emotion rather than logic—especially from Ronaldo fans, Egyptian supporters, and people simply chasing engagement.
— Appie Culé (@appiecule) July 7, 2026
The first incident involving Salah on the right is virtually identical to the one shown below on the left. There is… pic.twitter.com/EZF6Ghy8Rl
पूर्व खिलाड़ियों ने भी जताई फैसले पर आपत्ति
इसके साथ ही इंग्लैंड के पूर्व गोलकीपर रॉब ग्रीन ने भी VAR के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई. उनका कहना था कि गोल से काफी दूर हुई मामूली टक्कर, जिसमें एक खिलाड़ी का पैर दूसरे के पैर की उंगली से छू गया, उसके लिए VAR का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए था. ग्रीन के मुताबिक, जब रेफरी ने पहले ही खेल जारी रखने का फैसला कर लिया था, तब इस तरह दखल देकर VAR अपनी मूल भूमिका से आगे निकल गया.
वहीं पूर्व इंग्लैंड डिफेंडर जेमी कैरागर ने भी इस फैसले को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति किसी दूसरी टीम के साथ होती, तो संभव है गोल को रद्द नहीं किया जाता. कैरागर का मानना था कि प्रीमियर लीग, ला लीगा या सीरी ए जैसी बड़ी लीगों में भी ऐसी घटना के बाद VAR समीक्षा के बावजूद गोल को मान्यता मिल सकती थी.
There is no conclusive proof. But the circumstantial evidence that there is pro-Argentina bias in FIFA affecting the World Cup:
— Shaiel Ben-Ephraim (@academic_la) July 7, 2026
1) In the group stage opener against Algeria, Messi caught Aïssa Mandi with a studs-up challenge on the Achilles and escaped any card. FIFA later…
अर्जेंटीना ने आखिरी पलों में शानदार वापसी करते हुए 3-2 से जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. इस मुकाबले में सिर्फ गोल ही चर्चा का विषय नहीं रहे. लियोनेल मेसी का पेनल्टी मिस करना, VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) के जरिए मिस्र का एक गोल रद्द होना और पेनल्टी अपील खारिज किए जाने के फैसले ने भी काफी सुर्खियां बटोरीं.
गोल रद्द होने पर भड़के जिको
मिस्र के फॉरवर्ड मोस्तफा जिको ने मैच के बाद रेफरी के फैसलों पर नाराजगी जाहिर की. करीब 60वें मिनट में उन्होंने मिस्र के लिए दूसरा गोल किया था, जिससे टीम की बढ़त मजबूत हो गई थी, लेकिन VAR जांच के बाद उस गोल को रद्द कर दिया गया. वीडियो रिव्यू में पाया गया कि गोल से पहले हेसम हसन ने अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसेंड्रो मार्टिनेज के खिलाफ फाउल किया था. इसी वजह से रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर ने गोल को मान्यता नहीं दी.
रेफरी पर लगाए गंभीर आरोप
मिस्र की हार के बाद ज़िको ने रेफरी के फैसलों पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की. उन्होंने कहा कि फैसले निष्पक्ष नहीं रहे और उनकी टीम की मेहनत को नुकसान पहुंचा. इटैलियन पत्रकार फैब्रिजियो रोमानो के अनुसार, जिको ने कहा, "रेफरी निष्पक्ष नहीं हैं. मेरे लिए ईश्वर ही काफी हैं और वही सबसे अच्छा फैसला करते हैं. वह पूरे देश की मेहनत बर्बाद कर रहे हैं."
दो गोल से पीछे रहने के बाद पलटा मैच
मैच की बात करें तो मिस्र ने शानदार शुरुआत की थी. यासर इब्राहिम और मोस्तफा ज़िको के गोल की बदौलत टीम 2-0 की बढ़त बना चुकी थी. अगर VAR से एक और गोल रद्द नहीं होता, तो बढ़त 3-0 भी हो सकती थी. 79वें मिनट में लियोनेल मेसी के क्रॉस पर क्रिस्टियन रोमेरो ने हेडर से गोल कर अर्जेंटीना की वापसी की शुरुआत की. इसके चार मिनट बाद मेसी ने वॉली के जरिए टूर्नामेंट का अपना आठवां गोल दागकर स्कोर 2-2 कर दिया.
जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने हेडर से गोल कर अर्जेंटीना को 3-2 की बढ़त दिला दी. यही गोल निर्णायक साबित हुआ और मौजूदा चैंपियन टीम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.
(AP इनपुट के साथ)
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