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फीफा वर्ल्ड कप: सालों नहीं मिली मैनचेस्टर सिटी में जगह, जानें कैसे पलटी पेड्रो पोरो की जिंदगी

स्पेन ने फीफा विश्व कप सेमीफाइनल में मंगलवार को फ्रांस को 2-0 से हराकर 2010 के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश कर लिया. मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी पर गोल कर स्पेन को बढ़त दिलाई, जबकि पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल दागकर जीत पक्की कर दी.

फीफा वर्ल्ड कप: सालों नहीं मिली मैनचेस्टर सिटी में जगह, जानें कैसे पलटी पेड्रो पोरो की जिंदगी
स्पेन के डिफेंडर पेड्रो पोरो
PTI

स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है. सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराया. स्पेन की जीत के सबसे बड़े हीरो रहे पेड्रो पोरो ने मैच के 58वें मिनट में शानदार गोल करते हुए स्पेन की बढ़त को 2-0 कर दिया, जिसके बाद फ्रांस के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया. टीम को फाइनल का टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले पेड्रो का करियर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है. जब उन्हें दुनिया के सबसे बड़े क्लबों में से एक 'मैनचेस्टर सिटी' ने साइन किया, तो लगा कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उन्हें मुख्य टीम में जगह नहीं मिली.

पेड्रो क लगातार 'लोन' पर अलग-अलग क्लबों (जैसे रियल वलाडोलिड और स्पोर्टिंग लिस्बन) में भेजा गया. एक खिलाड़ी के लिए बार-बार क्लब बदलना और अपनी जगह पक्की करने के लिए जूझना बहुत तनावपूर्ण होता है. लेकिन पेड्रो ने इन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अनुभव बनाने का अवसर माना. उन्होंने हर देश और हर क्लब की संस्कृति से कुछ नया सीखा.

सामाजिक और व्यक्तित्व जीवन

सादगी और स्वभाव: इतनी प्रसिद्धि पाने के बाद भी, पेड्रो पोरो अपने उन दोस्तों और परिवार से जुड़े हुए हैं जिनसे उन्होंने शुरुआत की थी. उनका सामाजिक दायरा उन लोगों तक सीमित है जो उनके संघर्ष के दिनों में उनके साथ थे.

व्यक्तित्व: पेड्रो मैदान पर बहुत अटैकिंग और जोशीले दिखते हैं, लेकिन निजी जीवन में वे काफी शांत और व्यावहारिक (down-to-earth) माने जाते हैं.

सोशल मीडिया बनाम वास्तविकता: वे सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और कभी-कभी अपनी जीवनशैली की झलक दिखाते हैं, लेकिन उनका असली ध्यान हमेशा अपने खेल, फिटनेस और परिवार के साथ बिताए जाने वाले समय पर रहता है.

दृढ़ इच्छाशक्ति: उनका सामाजिक जीवन इस बात से प्रेरित है कि वे हमेशा उन लोगों को महत्व देते हैं जिन्होंने उनके बुरे समय में उनका साथ दिया था.

करियर का उतार-चढ़ाव 

पोरो का करियर एक जगह टिकने वाला नहीं रहा, उन्होंने खुद को साबित करने के लिए कई देशों और क्लबों की यात्रा की. मैनचेस्टर सिटी का अनुभव उनके बहुत काम आया. उन्होंने मैनचेस्टर सिटी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया, लेकिन उन्हें सीधे मुख्य टीम में जगह नहीं मिली. इसके बजाय, उन्हें अनुभव हासिल करने के लिए अलग-अलग क्लबों (जैसे रियल वलाडोलिड और स्पोर्टिंग लिस्बन) में 'लोन' पर भेजा गया.

स्पोर्टिंग लिस्बन में सफलता

पुर्तगाल के क्लब 'स्पोर्टिंग लिस्बन' में उनका करियर निखरा. यहां उन्होंने खुद को यूरोप के सबसे बेहतरीन विंग-बैक के रूप में स्थापित किया. उन्होंने वहां लीग खिताब जीता और अपनी अटैकिंग खेल शैली के लिए सुर्खियां बटोरीं. वर्तमान में वे प्रीमियर लीग (इंग्लैंड) में टोटेनहम के लिए खेल रहे हैं. प्रीमियर लीग की उच्च तीव्रता में खुद को ढालना उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है

पेड्रो की खेल शैली

पोरो को एक 'मॉडर्न राइट-बैक' का आदर्श माना जाता है. वे केवल डिफेंस करने वाले खिलाड़ी नहीं हैं. उनका मुख्य काम अटैक में शामिल होना, क्रॉस डालना और कभी-कभी खुद भी गोल करना है. उनमें पूरे 90 मिनट तक मैदान के ऊपर-नीचे दौड़ने का बेजोड़ स्टैमिना है. वे फ्री-किक और कॉर्नर किक लेने में काफी माहिर हैं. उनकी 'शूटिंग' तकनीक किसी फॉरवर्ड खिलाड़ी जैसी है.

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