लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने मंगलवार को मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद ज़बरदस्त वापसी की और आखिरी के 15 मिनटों में तीन गोल दागकर क्वार्टर-फ़ाइनल में जगह बना ली. रेगुलर टाइम के आखिर में डिफेंडिंग चैंपियन 0-2 से पीछे थी, लेकिन फिर क्रिस्टियन रोमेरो ने 79वें मिनट में गोल किया, जिसके चार मिनट बाद मेसी मैजिक देखने को मिला और इंजरी टाइम में एन्ज़ो फ़र्नांडीज़ ने गोल करके अर्जेंटीना की जीत तय कर दी.
मैच के आखिरी पलों में रोमांच और रेफरी के फैसलों के चलते इजिप्ट का कैंप अपनी नाराज़गी कंट्रोल नहीं कर पाया. टचलाइन के पास मेसी और इजिप्ट के हेड कोच होसम हसन की बहस हुई. इसका रिएक्शन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हसन ने मेसी से बहस के बीच FIFA का एंटी-रेसिज़्म जेस्चर किया, जिससे यह अर्जेंटीनियाई दिग्गज साफ़ तौर पर हैरान रहा गया. इस दौरान ऑफिशियल ने बीच-बचाव किया और मेसी के साथी भी अपने खिलाड़ी के समर्थन में आ गए.
Lionel Messi asks Egypt's coach Hossam Hassan: 🗣️ «What's wrong with you?»
— ShowTime Promotions (@ShowTimePromoUg) July 8, 2026
FT: 🇦🇷 Argentina 3-2 Egypt 🇪🇬 🍿
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फ़ाइनल व्हिसल बजने के बाद, निराश हसन ने रिपोर्टर्स से कहा कि उनकी टीम के साथ गलत बर्ताव किया गया. मैच के बाद हसन ने रिपोर्टर्स से कहा,"अर्जेंटीना की जीत पूरी तरह से गलत है. मैं आपसे वादा करता हूं, आज लौटने के बाद, मैं इस वर्ल्ड कप में फुटबॉल बिल्कुल नहीं देखूंगा, क्योंकि इसमें कोई इंसाफ़ नहीं है. मेरा पर्सनल प्रोटेस्ट यह है कि मैं यह वर्ल्ड कप दोबारा नहीं देखूंगा. जब मैं घर और अपने देश वापस जाऊंगा, तो मैं इसे नहीं देखूंगा."
उन्होंने आगे कहा,"हमें जीतने का हक़ था, और मैं इसे 'हार्ड लक' नहीं कहना चाहता - नहीं. हम इज़्ज़त के साथ गए, हमारी तरफ़ से इज़्ज़त. लेकिन फ़ाइनल रिज़ल्ट, बहुत ज़्यादा असर होने के अलावा, FIFA की बात करने वाले 'फेयर प्ले' से बहुत दूर है और इज़्ज़त से कोसों दूर है. आज न तो इज़्ज़त थी और न ही फेयर प्ले."
हसन ने कहा कि बाहरी असर ने नतीजे पर असर डाला. उन्होंने कहा,"हम मौजूदा चैंपियन से बेहतर दिखे - हर तरह से बेहतर -, लेकिन नतीजे पर पिच पर अंदरूनी वजहों और पिच के बाहर बाहरी वजहों का असर पड़ा." उन्होंने आगे कहा,"शायद वे वर्ल्ड चैंपियन को मुकाबले में बनाए रखना चाहते थे. शायद वे चाहते थे कि मेस्सी दौड़ में बने रहें। फुटबॉल में, कभी-कभी बाहरी वजहें टेक्निकल बातों से आगे निकल जाती हैं. वर्ल्ड चैंपियन को हर लेवल पर सपोर्ट मिला."
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